खजाने वाले मामा का मध्यप्रदेश देश का चौथा सबसे गरीब राज्य | MP NEWS

01 October 2018

भोपाल। सभाओं में खजाना लेकर घूमने वाले स्वधन्यमान मामा एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में मध्यप्रदेश देश के सबसे गरीब राज्यों की लिस्ट में शामिल हो गया। बिहार/झारखंड और उत्तरप्रदेश के बाद मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा गरीब लोग पाए जाते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि शिवराज सिंह की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद यह हालात हैं और यहां गरीबों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। जबकि शिवराज सिंह दावा करते हैं कि उन्होंने लोगों का जीवनस्तर उच्च कर दिया है। 

योजनाओं पर पानी की तरह पैसा बहाया, फिर भी आदिवासी गरीब
यह रिपोर्ट 2015-16 के डेटा के आधार पर तैयार की गई है। इसमें बिहार को सबसे गरीब बताया गया है। इसमें कहा गया है कि इस राज्य में रहने वाली आधे से ज्यादा आबादी गरीब है, इसके बाद झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का नाम शामिल है। इन राज्यों में आदिवासियों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं और शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण के बावजूद 50 प्रतिशत से ज्यादा आदिवासी गरीब हैं। 

देश के कुल गरीबों में से आधे 4 राज्यों में
इसके विपरित केरल और लक्षद्वीप में गरीबी शून्य है। पूरे देश में 36.4 करोड़ लोग गरीब हैं। जबकि इन चार राज्यों में 19.6 करोड़ की आबादी गरीब है। यह खुलासा हुआ है यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) और ओपीएचआई की वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक- 2018 की रिपोर्ट से हुआ है। 

यूएनडीपी और ओपीएचआई की रिपोर्ट के अनुसार-
4 राज्यों में गरीबी की स्थिति
17.0% बिहार, 10.5% झारखंड, 9.8% उत्तरप्रदेश, 8.8% मध्यप्रदेश
4 राज्य जिनमें कोई गरीब नहीं: 
केरल 0.0% लक्षद्वीप, 0.0% सिक्किम 0.1%, तमिलनाडु 0.2% 
10 मानकों पर बनी रिपोर्ट
शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर, पोषण, बाल मृत्यु दर, स्वच्छ पानी तक पहुंच, खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, बिजली, आवास व संपत्ति शामिल है। 
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