भोपाल में ढाई हजार अध्यापकों ने किया विरोध प्रदर्शन | EMPLOYEE NEWS

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भोपाल। मूल शिक्षा विभाग मूल पदनाम की मांग और नए कैडर पदनाम के विरोध में प्रदेश भर से आए लगभग ढाई हजार अध्यापकों ने रविवार को शाहजहांनी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर पर खून से तिलक लगाकर विरोध जताया। साथ ही ऐलान किया कि वे 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस को काले कपड़े पहनकर काला दिवस मनांएगे।

अध्यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में संविलियन कर 8 से 12 हजार तक का वेतन बढ़ा दिया गया है। लेकिन संगठन का कहना है कि मुख्यमंत्री अपनी ही घोषणा से मुकर गए हैं। उनकी घोषणा एक पद एक कैडर के विपरीत तीसरे नए कैडर में अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों को शिक्षा विभाग में नियुक्ति दी जा रही है।

वहीं, राज्य शिक्षा सेवा के नए कैडर में दिए जाने वाले वेतनभत्ते सेवा शर्तों की सुविधाओं को घोषित किए बिना स्व घोषणा पत्र एवं विकल्प पत्र में अध्यापक संवर्ग की सेवा अवधि, वेतनमान एवं भत्तों की मांग नहीं कर सकेंगे। इस शर्त से अध्यापक खासे नाराज हैं। उनका कहना है नए कैडर की वेतन निर्धारण तालिकाएं, सेवाशर्तें जारी होने के बाद पुराने कैडर से तुलना करने बाद ही स्व घोषणा पत्र और विकल्प पत्र भरेंगे।


मांग: नए कैडर के ये बिंदु स्पष्ट हों

1. वेतन निर्धारण तालिकाएं वर्तमान वेतन से गणना कर वरिष्ठता के अनुसार जारी हों।
2. पदोन्नति क्रमोन्नति वरिष्ठता हेतु सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से मान्य हो।
3. सेवा शर्तें सुविधाएं, लाभ पुरानी पेंशन आदि उजागर हों।
4. राज्य शिक्षा सेवा में अध्यापक संवर्ग जैसा संविलियन निरंतरता में मान्य हो।
5. पूर्व सेवा अध्यापक संवर्ग के वेतनमान एवं भत्तों की मांग नहीं करेंगे की शर्त विकल्प पत्र से हटाई जाए।
6. क्रमोन्नति सेवा अवधि के बाद कर्मियों की अवधि पूर्ण होने पर कैडर में जाने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।


आदेश जारी नहीं हुए तो विकल्प पत्र की प्रक्रिया में नहीं लेंगे भाग

अगर मांगों को लेकर आदेश जारी नहीं हुए तो अध्यापक संवर्ग के कर्मचारी स्व घोषणा पत्र और विकल्प पत्र की प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। साथ ही शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाएंगे। -उपेन्द्र कौशल, प्रदेश संयोजक, शासकीय अध्यापक संगठन

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