DAVV में महिला वैज्ञानिक से छेड़छाड़ के घटनाक्रम की रिपोर्ट राजभवन भेजी जाएगी | CRIME NEWS

Advertisement

DAVV में महिला वैज्ञानिक से छेड़छाड़ के घटनाक्रम की रिपोर्ट राजभवन भेजी जाएगी | CRIME NEWS


इंदौर। नाइजीरियन महिला वैज्ञानिक से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की मुसीबतें बढ़ गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते कुलपति डॉ. नरेंद्र धाकड़ ने घटनाक्रम की पूरी जानकारी विभागाध्यक्ष से लिखित में मंगवा ली है। बाकायदा इसकी रिपोर्ट बनाकर राजभवन भेजेंगे। वहीं आरोपित छात्र की इस हरकत को लेकर अनुशासन समिति के सामने मुद्दा रखा जाएगा। जांच के बाद छात्र पर कार्रवाई की बात हो रही है।

घटना गुरुवार शाम करीब 7.20 बजे विवि टीचर्स क्वार्टर परिसर में हुई। पुलिस में शिकायत शुक्रवार को दर्ज की गई। इसके बाद स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गर्ग ने इटली की संस्था द वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंस और सेंट्रल गवर्नमेंट के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को बता दिया है। शनिवार को घटना से जुड़ी प्रत्येक जानकारी इटली की संस्था ने ली। इसके लिए वे विभागाध्यक्ष से निरंतर संपर्क रखे हैं। संस्था के अधिकारियों ने प्रकरण में जांच में उच्च स्तरीय सरकारी एजेंसी की मदद लेने पर जोर दिया है। जवाब में विभागाध्यक्ष ने पुलिस के सहयोग करने का आश्वासन दिया है।

आरोपित उधम सिंह स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन से संचालित एमपीएड अंतिम वर्ष का छात्र है। वह फुटबॉल का अच्छा प्लेयर है। विवि की तरफ से कई मैच भी खेल चुका है। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक मेहता ने आरोपित से मोबाइल पर संपर्क किया और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। लगभग दोपहर 1 बजे आरोपित अपने तेजाजी नगर स्थित फ्लैट से विभाग पहुंचा।

विभागाध्यक्ष के पूछने पर आरोपित उधम ने बताया कि वह काफी समय से महिला वैज्ञानिक से संपर्क में था। गुरुवार शाम को फुटबॉल ग्राउंड के पास उससे मुलाकात हुई। फिर बाइक पर हम लोग इंद्रपुरी स्थित कैफे में चाय पीने गए। लौटाने के बाद उसे स्टाफ क्वार्टर पर छोड़ा। जहां हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया लेकिन वह रोने लगी। थोड़ा समझाने के बाद चिल्लाई तो मैं डर गया। विभागाध्यक्ष मेहता ने उसे मित्रता करने की असल वजह पूछी तो उसने कहा कि विभाग में मेरा सहपाठियों से झगड़ा चल रहा है। काफी उदास रहता था। मुझे लगा कि महिला वैज्ञानिक से मित्रता करनी चाहिए। इससे ज्यादा मेरा कोई अन्य उद्देश्य नहीं था।

विभागाध्यक्ष से पूरी घटना के बारे में लिखित में मांगा गया है। इसके बाद राजभवन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। मामले को अनुशासन समिति में रखा जाएगा। उसके बाद ही आरोपित छात्र पर कार्रवाई करेंगे।
डॉ. नरेंद्र धाकड़, कुलपति, डीएवीवी