सुरेंद्र सिंह विवाद के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपसभापति पद समाप्त | BHOPAL MP NEWS

11 September 2018

डॉ. नवीन जोशी/भोपाल। राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त डीजीपी सुरेन्द्र सिंह को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपसभापति पद से हटाकर उन्हें इसी प्राधिकरण में सलाहकार सदस्य बना दिया है। ज्ञातव्य है कि सुरेन्द्र सिंह डीजीपी के पद से 30 जून, 2016 को रिटायर हुये थे और उन्हें राज्य सरकार ने गृह विभाग के अंतर्गत कार्यरत राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपसभापति नियुक्त कर दिया था। इस प्राधिकरण के सभापति गृह मंत्री नियुक्त किये गये थे और सदस्य के रुप में अपर मुख्य सचिव गृह एवं राजस्व, वित्त, नगरीय विकास, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास विभागों के प्रमुख सचिवों एवं पुलिस महानिदेशक को सदस्य नियुक्त किया गया था। इस पर आईएएस अधिकारियों सहित डीजीपी ने आपत्ति की क्योंकि उप सभापति के रुप में नियुक्त सुरेन्द्र सिंह रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी थे और उनके नीचे आईएएस व डीजीपी आ रहे थे। इस पर 15 मार्च,2017 को एक संशोंधित आदेश निकाला गया जिसमें उपसभापति का पद पूर्णकालिक कर दिया गया।

लेकिन इस व्यवस्था से भी असंतोष दूर नहीं हुआ। इसलिये अब नया संशोधन किया गया जिसके तहत उपसभापति का पद खत्म कर दिया गया तथा उसके स्थान पर सलाहकार का पद निर्मित कर उस पर सुरेन्द्र सिंह को नियुक्त कर दिया गया और उन्हें प्राधिकरण का सदस्य भी बना दिया गया है। मामला यहीं पर रुका है। राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारियों एवं डीजीपी का रुतबा कायम रखने के लिये राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का नये सिरे से पुनर्गठन कर दिया। अब प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री बनाये गये हैं जबकि गृह मंत्री उपाध्यक्ष। सदस्यों में वित्त, राजस्व, स्वास्थ्य, नगरीय विकास, उद्योग एवं लोक निर्माण विभाग के मंत्री एवं मुख्य सचिव व डीजीपी को सदस्य नियुक्त कर दिया। 

सुरेन्द्र सिंह को इस प्राधिकरण का सलाहकार बनाया गया है तथा उन्हें सदस्य का दर्जा दिया गया है। पहले मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यों की निगरानी एवं मार्गदर्शन हेतु स्टीयरिेंग कमेटी में नियुक्त थे परन्तु अब यह स्टीयरिंग कमेटी भी खत्म कर दी गई है और सीधे प्राधिकरण का पुनर्गठन किया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार सदस्य सुरेन्द्र सिंह ने इस बारे में कहा है कि वे पहले राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपसभापति थे परन्तु अब उन्हें सलाहकार सदस्य बना दिया गया है। ऐसा क्यों हुआ यह इसका पता नहीं। शासन का निर्णय है।
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com

-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

Loading...

Popular News This Week