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सवर्ण आंदोलन: 6 सितंबर के प्रस्तावित बंद, 5 जिलों में धारा-144 लागू

भोपाल। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ चल रहे आंदोलन के तहत सवर्ण समाज के छह सितंबर के प्रस्तावित बंद को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट कर दिया है। प्रदेश के पांच जिलों ग्वालियर शहर, शिवपुरी और भिंड के साथ ही अशोकनगर और गुना में धारा-144 लागू कर दिया गया है।  सरकार ने ज्यादा विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए ग्वालियर शहर, शिवपुरी और भिंड में धारा-144 लागू कर दी। इसके साथ ही ग्वालियर में 11 तारीख तक के लिए हजारों की संख्या में शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। इसके साथ ही अशोकनगर और गुना में भी धारा-144 लागू की गई है।  

पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था मकरंद देउस्कर ने मंगलवार को बताया कि एक्ट में संशोधन को लेकर सवर्ण समाज का विरोध अब तक मंदसौर, नीमच, ग्वालियर जैसे कुछ शहरों में रैली के रूप में हुआ है। प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग में विरोध के स्वर तीखे बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सपाक्स सहित करीब 30 से 35 संगठनों द्वारा भारत बंद का आव्हान किया गया है, जो केवल सोशल मीडिया पर चल रहा है।

होशंगाबाद और कुछ अन्य स्थानों पर इक्का-दुक्का संगठनों ने बंद की सूचना प्रशासन को दी है। अभी इंटरनेट निलंबन जैसी आवश्यकता महसूस नहीं की जा रही है। फिर भी जिलों को जन्माष्टमी के दौरान उपलब्ध कराई गई पुलिस फोर्स को वापस नहीं लिया गया है। वे भारत बंद में कानून व्यवस्था के लिए उपयोग कर सकते हैं।

एट्रोसिटी एक्ट को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच सपाक्स ने सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यकों के आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बीच सपाक्स के प्रमुख और रिटायर्ड आईएएस हीरालाल त्रिवेदी कानूनी लड़ाई के साथ-साथ अब प्रदेशभर में दौरे कर सपाक्स को मजबूत करने में जुटे हैं। त्रिवेदी ने बताया किस तरह से बहुसंख्यकों को एट्रोसिटी एक्ट के माध्यम से प्रताड़ना देने का काम सरकार कर रही है। त्रिवेदी ने कहा सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सपाक्स प्रमुख ने कहा कि हमारी तरफ से बंद का आह्वान नहीं किया गया है। लेकिन प्रदेश और देश के जो भी सवर्ण संगठन एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ भारत बंद करने जा रहे हैं। हम उसका पूरी तरह से समर्थन करेंगे। एस्ट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ यूं तो पूरे प्रदेश में हंगामा और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन कटनी, सतना, जबलपुर, रीवा, विदिशा, हरदा, बदनावर, सागर, टीकमगढ़, मंडला, श्योपुर जैसे जिलों में एट्रोसिटी एक्ट संशोधन को लेकर नाराजगी साफ देखी गई और विरोध प्रदर्शन हुए हैं।