मैं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं: To, Rahul gandhi: From Narendra Modi @ Rafale Scam

28 July 2018

नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ने संसद में पीएम नरेंद्र मोदी पर एक इल्जाम लगाया था। राहुल गांधी ने कहा था कि यदि वो राफेल मामले में चुप हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि वो चौकीदार नहीं भागीदार हैं। पीएम मोदी ने आज उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'ट्रांसफॉर्मिंग अरबन लैंडस्केप' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस मुद्दे को उठाया और अपनी योजनाओं की तरफ डायवर्ट कर दिया। 

पीएम मोदी ने राहुल गांधी के घोटालों में भागीदार वाले आरोप पर कहा कि मुझ पर इल्जाम लगाया गया है कि मैं चौकीदार नहीं, भागीदार हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं क्योंकि मुझे गर्व है कि मैं देश के गरीबों का भागीदार हूं, दुखियारी मां का भागीदार हूं। मैं भागीदार हूं उस मां की पीड़ा का जो चूल्हे के धुएं में रहती थी।

दरअसल, राहुल गांधी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी की आय में अचानक वृद्धि और राफेल विमान सौदे में घोटाले का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी को चौकीदार की बजाय भागीदार बताते रहे हैं। वह मौजूदा संसद सत्र में भी यह आरोप पीएम मोदी पर लगा चुके हैं। जिसका आज पीएम मोदी ने जवाब दिया।

जनता को 50 साल तक 1 लाख करोड़ रुपए टैक्स चुकाना होगा: राहुल गांधी

दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भी राफेल डील पर ट्वीट किया कि '36 राफेल स्कैम के लिए भारतीय करदाताओं को अलगे 50 साल तक 1 लाख करोड़ रुपए मिस्टर 56 इंच के दोस्त के जॉइंट वेंचर को देना होगा। 

मैं जो दस्तावेज प्रस्तुत कर रहा हूं उसमें तथ्य मौजूद हैं: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने निजी कंपनी से संबंधित कुछ दस्तावेज शेयर करते हुए कहा, 'रक्षा मंत्री (निर्मला सीतारमण) हमेशा की तरह संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगी और इससे इनकार करेंगी लेकिन मैं जो दस्तावेज प्रस्तुत कर रहा हूं उसमें तथ्य मौजूद हैं। 

10 दिन पुरानी कंपनी को काम क्यों दिलाया: राहुल गांधी

इससे पहले भी राहुल ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर तंज कसा था. उन्होंने कहा था, 10 दिन पुरानी कंपनी को विमान बनाने का काम दिलाने के पीछे पीएम का विशेष प्रेम है। दरअसल लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि तत्कालीन यूपीए सरकार की डील रद्द कर फ्रांस के साथ नई डील करने के पीछे मकसद एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाना था।
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com

-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

Loading...

Popular News This Week

 
-->