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SATNA में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए दीपक बावरिया, सर्किट हाउस में भीड़ ने घेरा | MP NEWS

जबलपुर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी दीपक बावरिया सतना में मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए। सतना के सर्किट हाउस में उन्हे भीड़ ने घेर लिया। उनकी कॉलर पकड़ी गई। धक्का-मुक्की की गई और उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग किया गया। यदि बावरिया संयम से काम ना लेते तो अप्रिय स्थिति भी बन सकती थी। समाचार लिखे जाने तक भीड़ की पहचान नहीं हो सकी है। 

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के समर्थन में आई थी भीड़
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के महासचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी दीपक बावरिया पर सर्किट हाउस में हमला करने आई भीड़ नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का समर्थन कर रही थी। भीड़ बावरिया को धमका रही थी कि वो मध्यप्रदेश में सीएम पद के दावेदारों में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम भी लें। इधर अजय सिंह ने बयान दिया है कि हमलावर उनके समर्थक नहीं थे। उनके समर्थक तो अनुशासनप्रिय हैं। 

क्यों हुआ हमला
दरअसल, सतना में टिकट के दावेदारों के बारे में रायशुमारी करने गए प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने प्रेस से बातचीत के दौरान बयान दिया था कि मध्यप्रदेश में यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री कमलनाथ या ज्योतिरादित्य सिंधिया में से ही कोई एक होगा। विंध्य क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का प्रभावक्षेत्र है। यहां अजय सिंह को मध्यप्रदेश का भावी मुख्यमंत्री बताया जा रहा है। दीपक बावरिया के बयान से भीड़ नाराज हो गई और उन्होंने हमला कर दिया। 

क्या भीड़ की पहचान हुई
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बयान दिया है कि हमलावर उनके समर्थक नहीं थे। यह घटना उनके खिलाफ साजिश है लेकिन साजिशकर्ता कौन है अजय सिंह ने नहीं बताया। इधर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि हमलावर कांग्रेस के कार्यकर्ता थे या नहीं। किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। है। दीपक बावरिया ने भी इस मामले में पुलिस सेे कोई शिकायत नहीं की है। जबकि ऐसे मामलों में शांत रहने का अर्थ है इस तरह की घटनाओं को प्रोत्साहित करना। 
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