अब ड्राइविंग लाइसेंस पाना हुआ आसान, मप्र मोटरयान नियम संशोधन | MP NEWS

14 July 2018

भोपाल। अब आम नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन कार्ड (आरसी) का डाक से घर आने का इंतजार नहीं करना होगा। लाइसेंस व आरसी को संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जाकर अपना आधार कार्ड या अन्य फोटो आईडी कार्ड दिखाकर ले सकेंगे।इतना ही नहीं वे लाइसेंस व सर्टिफिकेट के लिए आवेदन पत्र के साथ दिए जाने वाले मूल अभिलेख को आवेदन-पत्र सहित वापस प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए हाल ही में राज्य सरकार ने राजपत्र जारी कर मप्र मोटरयान नियम 1994 में संशोधन कर उसे प्रभावशील कर दिया है।

नए प्रावधान के अनुसार, आवेदक को ड्राइविंग लायसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करते समय विकल्प देना होगा कि वह इसे स्वयं आकर लेना चाहता है। इससे उसे डाक द्वारा इन्हें नहीं भेजा जाएगा। निर्धारित तिथि पर वह इन्हें स्वयं संबंधित कार्यालय जाकर अपना आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त परिचय-पत्र दिखाकर सीधे प्राप्त कर सकेगा। इससे उसे इनकी प्राप्ति जल्दी हो सकेगी। यात्री बसों के कंडक्टर भी इसी प्रकार से सीधे अपना कंडक्टरी का लाइसेंस सीधे प्राप्त कर सकेंगे।

राज्य सरकार ने एक नया प्रावधान यह भी किया है कि ड्राइविंग लाइसेंस,वाहन रजिस्ट्रेशन आदि प्राप्त करने के लिए दिए जाने वाले आवेदन पत्र और उसमें संलग्न दस्तावेजों को आवेदक बाद में स्वयं प्राप्त कर सकेंगे। परिवहन कार्यालय आवेदन-पत्र और उसमें संलग्न दस्तावेजों को कम्प्यूटर में स्केन कर रखेगा तथा उसके बाद इन्हें आवेदक को लौटा देगा, लेकिन मूल आवेदन पत्र और उसमें संलग्न लौटाने की कतिपय शर्तें भी रखी गई हैं।

जैसे आवेदक को एक शपथ-पत्र देना होगा कि जब भी उससे परिवहन कार्यालय के प्राधिकारी या न्यायालय द्वारा इन मूल अभिलेखों को मांगा जाएगा,तो वह उसे प्रस्तुत करेगा। यदि यह मूल अभिलेख खो गए हैं या विरुपित हो गए हैं तो आवेदक को संबंधित पुलिस थाने में दी गई इसकी सूचना की प्रति प्रस्तुत करना होगी। यदि आवेदक चाहेगा तो परिवहन कार्यालय द्वारा उसकी की स्केन कॉपी निर्धारित फीस जमा किए जाने के बाद उपलब्ध कराएगा।

नियम 164 को खत्म करने का प्रावधान हटाया
दरअसल राज्य शासन ने गत 1 मार्च,2018 को मोटरयान नियम में उक्त संशोधन करने के संबंध में जो ड्राफ्ट रुल्स दावे-आपत्ति लेने के लिए जारी किए गए थे, उसमें मोटरयान नियम के नियम 164 का लोप करने का भी प्रावधान था। यह नियम यात्राी बसों में आपातकालीन द्वार बनाने के संबंध में है।

बाद में परिवहन आयुक्त कार्यालय ग्वालियर ने परिवहन विभाग भोपाल को बताया कि गलती से नियम 164 को लोप करने का प्रावधान ड्राफ्ट रुल्स में शामिल हो गया है। इस पर परिवहन विभाग ने ड्राफ्ट रुल्स पर दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई के बाद अब जाकर नियमों में अंतिम रूप से जो संशोधन जारी किया उसमें नियम 164 को लोप करने संबंधी प्रावधान हटा लिया।

परिवहन विभाग भोपाल के उप सचिव कमलचन्द्र नागर ने बताया कि आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सीधे प्रदान करने एवं उनके मूल अभिलेखों को वापस लौटाने का मोटरयान नियमों में नया प्रावधान कर दिया है और यह प्रभावशील हो गया है। इसके लिए अब सभी परिवहन कार्यालय तैयारी कर रहे हैं। नियम 164 का प्रावधान यथावत रखा गया है।
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