DELHI में शाम तक तबाही का खतरा, यातायात बंद, राहत केंप लगाए | NATIONAL NEWS

30 July 2018

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में आज शाम तक बाढ़ का की तबाही का मंजर नजर आ सकता है। यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। पानी 4 किलोमीटर की स्पीड से बह रहा है। यमुना का पुराना पुल जिसे लोहे का पुल भी कहते हैं, बंद कर दिया गया है। यदि यही हाल रहा तो शाम तक तबाही का मंजर नजर आ जाएगा। आज की रात यमुना किनारे वाले इलाकों के लिए काफी चिंताजनक रात है। 

यातायात बंद, इलाके खाली करवा रहा है प्रशासन

जानकारी के मुताबिक, हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी सोमवार शाम तक दिल्ली पहुंच सकता है। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम को इतनी अधिक मात्रा में पानी यमुना में पहुंचने पर इसका व्यापक असर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में देखने को मिल सकता है। ऐसे में स्थिति खतरनाक हो सकती है। प्रशासन की ओर से बाढ़ की चपेट में आने वाले इलाके में रहने वाले लोगों को लगातार हटाया जा रहा है। वहीं, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रविवार को करीब शाम 7 बजे से ही ट्रैफिक पुलिस ने लोहे के पुल पर दोनों ओर से यातायात को बंद कर दिया। बाढ़ के खतरे को देखते हुए यमुना के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। प्रत्येक घंटे में यमुना के जलस्तर की रिपोर्ट सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को जारी की जा रही है।

पुराना लोहे का पुल दोनों तरफ से बंद
दिल्ली यातायात पुलिस ने रविवार को पुराने लोहे के पुल पर दोनों तरफ से आवाजाही बंद कर दी थी। वहीं, सोमवार को इस पुल से रेल यातायात प्रभावित हुआ है। रेलवे अधिकारियों ने पहले ही कह दिया था कि युमना का जलस्तर 205.7 मीटर के स्तर को पार करता है तो ट्रेनों की आवाजाही रोकी जाएगी। संयुक्त आयुक्त यातायात आलोक कुमार के मुताबिक, कश्मीरी गेट व यमुना बाजार की तरफ से पुल पर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए गए। वहीं, दूसरे छोर पर गीता कॉलोनी की तरफ भी पुल बंद कर दिया गया है। दोनों जगह यातायात व स्थानीय थाना पुलिस की तैनाती कर दी गई है। पैदल यात्रियों के लिए भी पुल बंद कर दिया गया है।

ऐसे में निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान होना जरूरी है। लोगों को कम से कम दिक्कत हो इसके लिए प्रशासन ने 10 स्थानों पर 550 टेंट लगाए हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यदि टेंट कम पड़े तो प्रभवित लोगों को स्कूलों और नाइट शेल्टर्स में ठहराया जाएगा। 

4 किमी की रफ्तार से आ रहा यमुना का पानी

हिमाचल के पहाड़ी इलाकों से बहकर आ रहा पानी हरियाणा में यमुना नदी के रास्ते चार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। यमुनानगर स्थित हथनीकुंड बैराज से अब तक 6 लाख 5 हजार 949 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। राजधानी दिल्ली में पहले ही बाढ़ के हालात बन गए हैं और यमुना का जलस्तर बढ़कर 205.51 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 0.68 मीटर ऊपर है। निचले इलाकों में पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। पानी भर जाने से रविवार को जैतपुर इलाके की विश्वकर्मा कॉलोनी को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यमुना के निचले इलाके में स्थित सभी झुग्गी- बस्तियों को भी खाली कराया जा रहा है। पुलिस, सिविल डिफेंस व आपदा प्रबंध प्राधिकरण की टीमें सतर्क हैं। सोमवार को दिल्ली में बाढ़ की स्थिति भयावह हो सकती है। 

खाली कराई जा रही विश्वकर्मा कॉलोनी

यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण कई इलाकों में पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। जैतपुर इलाके की विश्वकर्मा कॉलोनी में रविवार को यमुना का पानी पहुंचने के कारण कॉलोनी को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यहां बांध पर टेंट लगा दिए गए। मौके पर मौजूद अधिकारी ने बताया कि रविवार देर रात तक 200 टेंट लगा दिए जाएंगे। इनमें लोगों को पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। रात में अगर पानी का दबाव बढ़ा तो कालिंदी कुंज बैराज के सभी फाटक भी खोल दिए जाएंगे जिससे इस कॉलोनी में पानी तेजी से भर जाने की आशंका है। यमुना में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जैतपुर इलाके की विश्वकर्मा कॉलोनी में टेंट, भोजन, पानी आदि की व्यवस्था करते हुए कॉलोनी खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोगों को शनिवार को ही इन इलाकों से हटने के लिए कह दिया गया था। रविवार को यहां पर भारी संख्या में पुलिस, डीडीएमए के अधिकारियों और सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर तैनात कर दिए गए। डीडीएमए, फायर व पुलिस ने लाइफ जैकेट, नाव आदि की व्यवस्था कर ली है ताकि किसी आपात स्थित से निपटा जा सके। यमुना में जलस्तर बढ़ने से भारी तादाद में मछलियां नदी के किनारे ठहरे हुए पानी में आ गई हैं। कालिंदी कुंज पर रविवार को पिकनिक सा नजारा रहा। एक तरफ यह पानी जहां यमुना खादर में बसे लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है वहीं, अन्य इलाके के लोग यहां मछलियां पकड़ने आ रहे हैं।

नदी के किनारे बनते जा रहे घर
यमुना खादर के इलाकों में अवैध रूप से कॉलोनियां बनाई जा रही हैं। जलस्तर बढ़ने व बाढ़ के कारण यहां बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती है। लेकिन, इसकी परवाह न तो पुलिस अधिकारियों को है और न ही अन्य सिविक एजेंसियों को। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस की मिलीभगत से इस पूरे इलाके में यमुना के किनारे पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। इस इलाके में न तो सीवर है न पीने के पानी की व्यवस्था और न ही सड़क है। इसके बावजूद यहां पर भू-माफिया जमीन पर कब्जा कर उसे 15 हजार रुपये प्रति वर्ग गज की दर से बेच रहे हैं। इसमें दिल्ली के साथ ही हरियाणा का भी काफी बड़ा इलाका शामिल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें जमीन बेचते वक्त भू-माफिया सारी सुविधाएं मुहैया कराने का वादा करते हैं, लेकिन बाद में वे नजर नहीं आते।
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