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ANUPPUR: प्राचार्य लारिया का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निरस्त | MP NEWS

राजेश शुक्ला/अनूपपुर। इंदिरा गांधी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर में पदस्थ प्राचार्य  पी.के. लारिया की जाति प्रमाण पत्र संदेहास्पद पाए जाने पर आयुक्त दीपाली रस्तोगी जनजाति कार्य विभाग सचिव, उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा 19 जनवरी 2018 को निरस्त कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार प्रहलाद कुमार पिता बुकसेलरदास लारिया द्वारा पिछडा वर्ग में होने के बाद अनुसूचित जनजाति का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से शहडोल जिले से जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर अनुसूचित जनजाति का अनुचित लाभ प्राप्त किया लेकिन इस संबंध में अब तक किसी तरह की कार्यवाही नही की गई।

यह है मामला 
17 फरवरी 2010 द्वारा विधानसभा आतरांकित प्रश्र क्रमांक 5634 पर निमिति आश्वासन क्रमांक 784 में शासकीय उत्कृष्ठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जैतहरी के संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र की जांच के संबंध में प्रकरण जांच हेतु उच्च स्तरीय छानबीन समिति को मिली, जहां प्रहलाद कुमार पिता बुकसेलरदास निवासी रूंगटाकॉलरी तहसील सोहागपुर जिला शहडोल म.प्र. द्वारा जिला संयोजक आदिम जाति एवं हरिजन कल्याण शहडोल का प्रमाण पत्र क्रमांक आजाक/10/ पंजीयन क्रं. / छात्रवृत्ति /80/512 दिनांक 21 अगस्त 1980 से जारी पनिका अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया था।

शहडोल से बना जाति प्रामण पत्र
पी.के. लारिया पिता बुकसेलरदास लारिया ग्राम बच्छरगांव जिला डिंडौरी के मूल निवासी है, जहां पनिका जाति पिछड़ा वर्ग में होने के कारण अनुसूचित जनजाति का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से शहडोल जिले से जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर अनुसूचित जनजाति का अनुचित लाभ प्राप्त किया गया। जिसके बाद उच्च स्तरीय छानबीन समिति की बैठक 19 जनवरी 2018 में विचारोपरांत सर्व सम्मति से प्रहलाद पिता बुकसेलरदास निवासी रूंगटाकॉलरी तहसील सोहागपुर म.प्र. द्वारा जिला संयोजक आदिम जाति एवं हरिजन कल्याण शहडोल का प्रमाण पत्र क्रमांक आजाक/10/पंजीयन क्रं./ छात्रवृत्ति /80/512 जारी दिनांक 21 अगस्त 1980 से जारी पनिका अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है।

संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र की समिति ने की जांच
संभागीय उपायुक्त, आदिवासी तथा अनुसूचित जाति विकास शहडोल संभाग के पत्र क्रमांक/ संभा.उपा./स्था./२०१०-११/४७ दिनांक १३ अप्रैल २०११ में प्राचार्य पी.के. लारिया की सेवा पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ में जाति के कॉलम में पनिका अनुसूचित जनजाति ब्लेड से कांट-छांट कर दर्ज किया जाना, प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र दिनंाक २१ अगस्त १९८० को जिला संयोजक आजाक शहडोल द्वारा जारी किया गया जो कि सामान्यत: छात्रवृत्ति स्वीकृति जारी किया जाता है। इतना ही नही समिति ने श्री लारिया द्वारा वर्ष १९८३ में अवधेश प्रताप ङ्क्षसह रीवा विश्वविद्यालय से नियमित छात्र के रूप में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण किया है जिसमें महाविद्यालय की मोहर स्पष्ट नही है।

कारण बताओं सूचना पर लगातार अनपुस्थित रहे प्राचार्य
जांच समिति द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक / २७२१५ दिनांक ३ नवम्बर २०१७ के माध्यम से पी.के. लारिया पिता बुकसेलरदास लारिया को १५ नवम्बर २०१७ की बैठक में उपस्थित हेतु सूचिना पत्र जारी किया गया, जहां वे अनपुस्थित रहे। वहीं कार्यालयीन पत्र क्रमांक जा.प्र. समिति/५०६/२०१०/१३२८ दिनांक १५ जनवरी २०१८ में के माध्यम से बैठक १९ जनवरी २०१८ में उपस्थिति हेतु सूचना दी गई। जहां वे समिति के समक्ष अनुपस्थित रहे।

इनका कहना है 
मुझे नोटिस मिली थी, मामला हाईकोर्ट में जबलपुर में विचाराधीन है।
पी.के. लारिया, प्राचार्य कन्या हायर सेकेण्ड्री अनूपपुर