भोपाल। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार पूरी तरह से चुनावी मोड में है। उसे चुनाव के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा। यहां तक कि विभागों के सामान्य काम भी पेंडिंग होते चले जा रहे हैं। B.ed, M.ed, BP.ed व MP.ed कोर्स के लिए मई के महीने में प्रवेश परीक्षाएं (Entrance Exam) आयोजित हो जातीं थीं। इस साल सरकार ने नोटिफिकेशन (Notification) ही जारी नहीं किया। PEB का कहना है कि इस साल हमारे पास प्रस्ताव ही नहीं आया। धीरेंद्र शुक्ल, ओएसडी, उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि हमने तो सही समय पर शासन को प्रस्ताव भेज दिया था। 54 हजार सीटों के लिए उम्मीदवार इंतजार में
प्रदेश भर के बीएड, एमएड, बीपीएड व एमपीएड कोर्स में एडमिशन के लिए अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे कॉलेज संचालकों के साथ छात्रों की चिंता बढ़ गई है। हर साल मार्च-अप्रैल में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश फॉर्म भरवाए जाते थे। जबकि मई में प्रवेश परीक्षा आयोजित होती थी लेकिन इस साल मई के अंतिम सप्ताह तक उच्च शिक्षा विभाग नियमावली ही तय नहीं कर पाया। इससे प्रदेश भर के बीएड कॉलेजों की लगभग 54 हजार सीटें भरने का संकट खड़ा हो गया है।
इस बार सीटें खाली रह जाएंगी
बीएड, एमएड, बीपीएड व एमपीएड कोर्स में एडमिशन के लिए यदि जून में प्रवेश फॉर्म भरवाए गए तो जुलाई में प्रवेश परीक्षा फिर ऑनलाइन काउंसिलिंग आयोजित होगी। अगस्त तक एडमिशन प्रक्रिया चलने से छात्र अन्य कोर्स में एडमिशन ले लेंगे। इससे बीएड, एमएड व बीपीएड अौर एमपीएड की सीटें खाली रह जाएंगी।
शासन के पास अटका है प्रस्ताव
बीएड, एमएड, बीपीएड व एमपीएड कोर्स में एडमिशन के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शासन के पास प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शासन द्वारा नियम तय किए जाने के बाद पीईबी के पास परीक्षा फॉर्म भरवाने व परीक्षा कराने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
धीरेंद्र शुक्ल, ओएसडी, उच्च शिक्षा विभाग
