छत्तीसगढ़ में भाजपा के युवा नेता की हत्या, 2 साल में 18 हत्याएं | NATIONAL NEWS

28 March 2018

नई दिल्ली। भाजपा की आईटी सेल गैर भाजपाई राज्यों में भाजपा और संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं की हत्याओं का डाटा बड़े ही आक्रोश के साथ प्रस्तुत करते हैं परंतु भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में वो अपने ही कार्यकर्ताओं की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं। नक्सलियों ने भाजपा के युवा नेता को बीस बस्ती में धारदार हथियारों से हमला करके मार डाला। पिछले 2 साल में यहां 18 भाजपा नेताओं की हत्या हो चुकीं हैं। 

ताजा खबर आ रही है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष जगदीश कोंडरा की उनके घर के करीब हत्या कर दी. 43 वर्षीय जगदीश को नक्सलियों ने कुछ महीनों पहले पार्टी छोड़ने की धमकी दी थी. इसके बाद उन्होंने बीजेपी युवा मोर्चे के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. वह करीब छः माह से बीजेपी से दूरी बनाए हुए थे. बावजूद इसके नक्सलियों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया.

भाजपा नेता जगदीश कोंडरा का घर नेशनल हाइवे-16 के मुख्य मार्ग पर है. उनके घर से कुछ दूरी पर ही थाना मौजूद है. जहां चौबीस घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं. बावजूद इसके नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम ने इस वारदात को अंजाम दे डाला. उन्होंने बीच बस्ती में धारदार हथियार से वार कर जगदीश की हत्या कर दी.

पुलिस के मुताबिक मद्देड़ दलम के कमांडर नागेश के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया है. भोपालपट्नम नगर में पहली बार इस तरह की घटना को माओवादियों ने अंजाम दिया है. बताया जाता है कि माओवादियों ने हत्या के पहले तीन चार दिनों तक जगदीश के घर पर निगरानी की थी. कोई अनजान शख्स उनके आने-जाने के समय पर नजर रख रहा था.

बीती रात जैसे ही घर के पास बिजली गुल हुई. अंधेरे का फायदा उठाकर माओवादियों ने हत्या की इस सनसनीखेज घटना को अंजाम दे डाला और मौके से फरार हो गए. चश्मदीदों के मुताबिक बीजेपी नेता जगदीश रात करीब सात बजे अपने घर के पास कुछ लोगों के साथ बात कर रहे थे. तभी तीन माओवादियों ने कुल्हाड़ी और धारदार हथियार से उन पर अचानक हमला कर दिया. जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

घटना को अंजाम देने के बाद माओवादी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए वहां से भाग खड़े हुए. बीजेपी के कई नेताओं ने इस घटना को लेकर सरकार और पार्टी से जवाब तलब किया है. दरअसल, बस्तर में नक्सलियों ने दो साल के भीतर लगभग 18 कार्यकर्ताओं की हत्या की है. हत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है. कुछ माह बाद सूबे में विधान सभा चुनाव होने हैं. ऐसे में नक्सली खौफ के चलते जंगल के भीतर बसे गांव में पार्टी कार्यकर्ताओं की आवाजाही पर असर पड़ेगा. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस घटना पर दुख जाहिर किया है.

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