चलो बप्पी दा की बात करें, जानें 10 खास बातें: BAPPI LAHIRI B. SPECIAL

Monday, November 27, 2017

दशकों गुजर गए लेकिन आज भी डांस के मंच पर कोई भी शो 'तम्मा तम्मा लोगे' के बिना पूरा नहीं होता। ये बात और कि अब उसमें 'बीन बजाती नागिन' भी एड हो गई है। जी हां, यदि आपके पैर हैं और वो म्यूजिक की धुन पर थिरकते भी हैं तो आप बप्पी दा को कैसे भूल सकते हैं। आज उनका बर्थडे है। ये वही बप्पी दा हैं जिन्होंने बॉलीवुड को रॉक और डिस्को दिया। डांसर्स को कुछ ऐसा नया दिया जो आज तक डवलप होता जा रहा है। मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लाहिड़ी का जन्म 27 नवंबर 1952 को कोलकाता में हुआ था। हमेशा सोने के आभूषणें से लदे रहने वाले बप्पी दा दिखने में औरों से जितने अलग हैं, उनका म्यूजिक भी उतना अलग है। बप्पी लाहिड़ी 70 के दशक में बॉलीवुड में आए और 80 के दशक तक छाए रहे। 90 का दशक उनके लिए कुछ खास नहीं रहा, लेकिन वह काम करते रहे। बप्पी ने 2011 में रिलीज 'डर्टी पिक्चर' में ऊ ला ला ऊ लाला.. गाया था, जो कि बेहद सुपरहिट हुआ। 

बीजेपी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा

इसके अलावा उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था, जो कि वह हार गए, लेकिन संगीतकार और गायक के तौर पर उनका क्रेज आज भी बरकरार है। बप्पी दा के गाए गीत 'बंबई से आया मेरा दोस्त, आई एम ए डिस्को डांसर, जूबी-जूबी, याद आ रहा है तेरा प्यार, यार बिना चैन कहां रे, तम्मा तम्मा लोगे, जैसे गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं. 

आइए जानते हैं बप्पी लाहिड़ी के बारे में 10 खास बातें

1- संगीत घराने से ताल्लुक रखने वाले बप्पी दा के पिता अपरेश लाहिड़ी भी प्रसिद्ध बंगाली गायक थे और उनकी माता बांसरी लाहिड़ी संगीतकार थीं. बप्पी दा ने चित्रानी के साथ 1977 में शादी की थी.
2- बप्पी दा ने तीन साल की उम्र में तबला सीखना शुरू किया और तभी से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी. उन्होंने संगीत अपने माता-पिता से ही सीखा और उन्होंने पहली बार बंगाली फिल्म में गाना गाया था.
3- बॉलीवुड में नाम कमाने के लिए बप्पी लाहिड़ी ने 19 साल की उम्र में कोलकाता छोड़ दिया था. उन्हें पहली बार 'नन्हा शिकारी' में संगीत देने का मौका मिला था. वो साल 1973 था.
4- बप्पी दा को पहचान 1975 में मिली जब उन्होंने फिल्म 'जख्मी' में मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के साथ गीत गाया था.
5- किशोर कुमार बप्पी लाहिड़ी के रिश्तेदार थे, जिन्होंने उन्हें संगीत सिखाने के साथ ही बॉलिवुड में पैर जमाने में भी मदद की थी.

6- बप्पी दा ने 'जस्टिस फॉर विडोज' नाम के स्वयं सेवी संगठन के जरिए सराहनीय कार्य किया. इसके लिए उन्हें 'हाउस ऑफ लॉर्ड्स' सम्मान से नवाजा गया.
7- बप्पी दा ने जितने भी गाने संगीतबद्ध किए, उनमें ज्यादातर किशोर कुमार और विजय बेनेडिक्ट ने गाए. बप्पी दा ऊषा उत्थप और अलीषा चिनॉय की आवाज को भी बेहद पसंद करते थे.
8- फिल्म म्यूजिक में पॉप का मिक्चर करने का श्रेय बप्पी दा को ही जाता है. उनके इस प्रयोग ने बॉलीवुड की दिशा बदलकर रख दी.
9- बप्पी दा एक दिन में सबसे ज्यादा गीत रिकॉर्ड करने का कीर्तिमान भी बना चुके हैं.
10- बप्पी लाहिड़ी इकलौते संगीतकार हैं, जिन्हें किग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन ने मुंबई में आयोजित अपने पहले शो में बुलाया था. यह लाइव शो 1996 में आयोजित किया गया था.

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