शिवराज सिंह ने कैबिनेट में पेट्रोल/डीजल पर डबल TAX की चर्चा तक नहीं की

Updesh Awasthee
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल/डीजल पर केंद्र सरकार का टैक्स कम कर दिया है साथ ही राज्यों से अपील की है कि वो भी टैक्स कम कर दें। मोदी की अपील पर गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश ने भी टैक्स घटा दिया है। उम्मीद थी कि आज हुई कैबिनेट की मीटिंग में इस पर फैसला हो जाएगा परंतु मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह ने कैबिनेट में इस पर चर्चा तक नहीं की। याद दिला दें कि पेट्रोल/डीजल पर सरकारी कंपनियों के मुनाफे और केंद्र सरकार के टैक्स के अलावा शिवराज सिंह सरकार डबल टैक्स लगाती है। वैट जो पूरे देश की राज्य सरकारें लगातीं हैं, इसके अलावा एक फिक्स टैक्स भी है जो कीमतों के साथ घटता नहीं है, अलबत्ता कभी भी बढ़ाया जा सकता है। 

सबसे पहले मोदी सरकार ने घटाया टैक्स
5 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल, डीजल पर लगने वाला केंद्र सरकार के टैक्स में 2 रुपए प्रतिलीटर की कटौती कर दी थी। वैट की दरें घटने के साथ ही पेट्रोल और डीजल के दामों में भी कमी आ गई। जिससे आम जनता को थोड़ी सहूलियत हुई। गौरतलब है कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने संवाददाताओं से कहा था कि वित्त मंत्री अरूण जेटली जल्दी ही सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर पेट्रोल, डीजल पर वैट में कटौती का अनुरोध करेंगे। उन्होंने कहा, "हमने सक्रियता के साथ उत्पाद शुल्क में कटौती की है। अब वैट घटाने की बारी राज्यों की है" राज्य मूल्य वर्द्धन शुल्क के रूप में वैट लगाते हैं। इससे जब भी कीमतें बढ़ती हैं, वैट भी बढ़ जाता है। 

प्रधान ने कहा कि केंद्र के उत्पाद शुल्क में कटौती से 26,000 करोड़ रुपये के राजस्व पर असर पड़ेगा। इस दौरान प्रधान ने ईंधन के दाम में दैनिक समीक्षा का बचाव करते हुए कहा कि इससे ग्राहकों को सीधे लाभ मिलने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, "राज्य सर्वाधिक लाभ में हैं। वे वैट तो लेते ही हैं, साथ ही केंद्रीय उत्पाद शुल्क संग्रह में 42 प्रतिशत लेते हैं। केंद्र के बाद जो राशि बचती है, उसका उपयोग राज्यों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के वित्त पोषण के लिए किया जाता है।

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