मंत्री गहलोत की पेंशन बचाने शिवराज सरकार नियम बदल रही है

भोपाल। फायदे के लिए नियमों को बदलने में माहिर शिवराज सिंह सरकार केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत की मीसाबंदी पेंशन बचाने के लिए एक बार फिर नियम बदल रही है। आपातकाल के दौरान गेहलोत की जेल अवधि को लेकर विवाद है। शिकायकर्ता सरकार के खिलाफ न्यायालय में चले गए हैं। अत: शिवराज सरकार ने नियम ही बदल डालने की तैयारी कर ली। अब 1 माह तक जेल में बंद रहे मीसाबंदियों को भी पेंशन और दूसरे लाभ दिए जाएंगे। इस तरह गेहलोत की पेंशन बंद नहीं होगी, उल्टा 10 हजार नए हकदार भी लाभान्वित हो जाएंगे। 

पत्रकार सुनील शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार एक माह वाले मीसाबंदियों को पेंशन का लाभ दिलाने के लिए संघ से जुड़े अलग-अलग संगठन लगातार मुख्यमंत्री और सरकार पर इस बात का दबाव बनाते रहे हैं कि इस दिशा में कारगर पहल होना चाहिए। संभवत: यही कारण रहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई घोषणा के मद्देनजर आपातकाल के एक माह वाले मीसाबंदियों को 8 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन देने का फैसला किया गया है। इस बारे में आधिकारिक आदेश जल्द ही जारी होंगे।

केंद्रीय मंत्री को भी मिलेगा फायदा
केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत की मीसाबंदी की गिरफ्तारी अवधि को लेकर विवाद सामने आए थे। हालांकि सरकार ने इस मामले का पटाक्षेप कर दिया था, लेकिन विरोधी लोग थावरचंद गेहलोत के खिलाफ न्यायालय पहुंच गए। सरकार के नए आदेश जारी होने के बाद केंद्रीय मंत्री गेहलोत सहित करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों को 8 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन का लाभ मिलने लगेगा। गौरतलब है कि गेहलोत आपातकाल के दौरान 45 दिन तक जेल रहे थे।
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