तमिलनाडु के किसानों ने NARENDRA MODI का आवास घेरा, प्रदर्शन शुरू

Updesh Awasthee
नई दिल्ली। सूखे की मार झेल रहे तमिलनाडु के किसानों ने मार्च-अप्रैल महीने में कर्जमाफी की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में अपने खास तरीके के विरोध प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। अब एक बार फिर अपनी मांगों के साथ तमिलनाडु के किसान दिल्ली लौट आए हैं। तकरीबन पचास किसानों ने रविवार को दिल्ली में निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से लेकर लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकाला। अपनी मांगों के साथ किसानों ने प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना दिया।

बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे पचास से ज्यादा किसानों को हिरासत में ले लिया और संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई। प्रदर्शन कर रहे किसान केंद्र सरकार से राहत पैकेज और कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं। पिछली दफा प्रदर्शन के दौरान किसानों की आवाज अनसुनी रह गई थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने की उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया।

मार्च अप्रैल के दौरान किसानों के समूह ने अपने प्रदर्शन के तरीकों से मीडिया में खूब सुर्खिया बटोरीं। जंतर मंतर पर मानव कंकाल के हिस्सों जैसे खोपड़ी और हड्डियों के साथ किसानों ने अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन किया। किसी दिन उन्होंने सिर और दाढ़ी मुड़वाई तो किसी दिन नंगे होकर प्रदर्शन किया। चाहे वो प्रधानमंत्री कार्यालय हो या जंतर मंतर की सड़कें।

40 दिन तक चले अपने प्रदर्शन को 25 मार्च के दिन स्थगित करने के बाद किसानों ने कहा था कि वो एक दिन फिर लौटकर आएंगे और 16 जुलाई को तमिलनाडु के किसान एक बार फिर लौट आए हैं। ज्ञात रहे कि सोमवार से संसद का मानसूत्र शुरू होने वाला है। इसके अलावा प्रदर्शनकारी किसानों की मांग है कि देश के सभी किसानों को पेंशन दी जाए और उच्च लाभांश मिले. साथ ही कावेरी वॉटर मैनेजमेंट बोर्ड बनाया जाए।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!