किसान की बेटियां हल में बैलों की जगह जुत गईं, स्कूल छोड़ दिया

सीहोर। मध्यप्रदेश के किसान हितैषी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले से प्रदेश को शर्मसार करने वाली खबर आ रही है। यहां एक किसान ने हल में बैलों की जगह बेटियों को जोत दिया क्योंकि उसके पास बैल नहीं थे। यहां तक कि ट्रेक्टर किराए पर लेने के लिए पैसे भी नहीं थे। पिता के काम में हाथ बंटाने के कारण बेटियों से स्कूल छोड़ दिया है। मामला मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र से आ रहा है। यहां एक मजबूर पिता ने अपने जिगर के टुकड़ों को इसलिए हल में जोत दिया। क्योकि उसके पास गरीबी के चलते खेतों में खरीफ फसल की निंदाई के लिए न तो बैल थे और न ही ट्रैक्टर था। किसान का कहना है कि सरकार उनकी कोई मदद करती न ही ऐसे में उनके पास अपना पेट पालने के लिये कोई और चारा नहीं है।

मुख्यमंत्री के गृहजिले सीहोर के गांव वसन्तपुर पंगारी के टांडी टप्पर की जहां कृषक सरदार बारेला ने तीन एकड़ जमीन को कुलपने के लिए बैलों की जगह अपनी 14 वर्षीय पुत्री राधिका तथा 11 वर्षीय कुंती को हल में जोत दिया। पिता ने बताया की गरीबी के चलते उसके पास इतना पैसा नहीं है कि वह बैलों की व्यवस्था कर सके। इसलिए मैंने खेत हांकने के लिए बच्चियों को जोत दिया। 

राधिका और कुन्ती पिता की आर्थिक तंगी के चलते काम में हाथ बटाने के लिए पहले ही पढ़ाई छोड़ चुकी है। मां चम्पा बाई ने बताया की चार लडक़ी और दो लडक़े है और तीन एकड़ जमीन जिससे सिर्फ बरसात के समय ही फसल आती बाकी समय में हमारा पूरा परिवार दूसरों के यहां दिहाड़ी कर पैट पालते हैं।
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