भोपाल नगरनिगम: इधर महापौर ने पोल खोली, उधर 36 अफसरों के ट्रांसफर

Updesh Awasthee
भोपाल। राजधानी में आज नगर निगम की परिषद की बैठक काफी हंगामेदार रही। इस बार सारे जनप्रतिनिधि एकराय होकर प्रशासनिक तंत्र पर टूट पड़े। दोनों दलों के पार्षदों समेत महापौर तक ने निगम के अफसरों पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया। हालांकि इंजीनियर्स ने भी मुकाबला करने का मन बनाया परंतु कमिश्नर छवि भारद्वाज को शायद मालूम था कि इस समय मुद्दे को तूल दिया जाना हर हाल में नुक्सानदायक ही होगा। अत: उन्होंने तत्काल 36 अफसरों के ट्रांसफर कर दिए। अब देखना यह है कि क्या कमिश्नर के इस कदम से 5% कमिशन का खेल रुक जाएगा। 

निगम में भ्रष्टाचार, सदन में हंगामा 
शनिवार को नगर निगम परिषद की बैठक बेहद हंगामापूर्ण रही। सिर्फ विपक्ष ही नहीं, इस बार सत्ता पक्ष यानी भाजपा के पार्षदों ने भी निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की पोल खोलकर रख दी। भाजपा पार्षद ने आरोप लगाए कि बजट पास होने के बावजूद वार्डों के विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं। इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर सिटी इंजीनियर राजीव गोस्वामी को दोषी ठहराया। कांग्रेस पार्षदों ने भी इस बात का समर्थन किया। इस पर महापौर ने कहा कि,'पंडित आलोक शर्मा की भी सीआईडी है। उन्हें पता है कि कौन-कौन अफसर कमिशन ले रहा है।' महापौर ने दो इंजीनियरों एचएस फुलरे और केसी गुप्ता के सीधेतौर पर नाम तक ले डाले।

कमिश्नर ने कर दिए थोकबंद तबादले 
उधर, बैठक के बाद अपने कक्ष में मीडिया से चर्चा करते हुए कमिश्नर छवि भारद्वाज ने कहा कि उन्हें दु:ख है कि महापौर ने सावर्जनिकतौर पर बयान दिया। अगर कोई अफसर कमिशन ले रहा है, तो महापौर को एक बार सबूत देना चाहिए थे। वे उस पर कार्रवाई करतीं। हालांकि इस मामले में नगर निगम की किरकिरी होने के तत्काल बाद कमिश्नर छवि भारद्वाज ने 36 अफसरों के ट्रांसफर कर दिए। हालांकि महापौर के बयान के बाद इंजीनियरों में नाराजगी है। उन्होंने महापौर से बयान वापस लेने की मांग की है। इंजीनियरों ने कहा कि महापौर ऐसा नहीं कर सकते, तो कमिश्नर उन्हें फोर्स लीव पर भेज दें।

बैठक में माड्यूलर टॉयलेट को लेकर भी खूब हंगामा हुआ। भाजपा पार्षद राजेश खटीक और संजीव गुप्ता ने मॉड्यूलर टॉयलेट, अवैध होर्डिंग और वार्डों में रुके विकास कार्यों के मुद्दे उठाए। इस पर जवाब देते हुए महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि उनके कार्यकाल में मॉड्यूलर टॉयलेट का भुगतान नहीं किया जाएगा।

अवैध होर्डिंग का मुद्दा गरमाया
उधर, अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर भी सदन में खूब हंगामा हुआ। वार्ड 20 से भाजपा के पार्षद संजीव गुप्ता ने 20 मई के दैनिक भास्कर की खबर का जिक्र करते हुए इस मामले पर अपनी बात रखी। इस पर महापौर ने तीन दिनों के अंदर अवैध होर्डिंग हटाने की बात कही। हालांकि, बैठक के दौरान ही शहर से अवैध होर्डिंग हटना शुरू हो गए थे।
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