बिहार में रेप पीड़िता फर्स्ट डिवीजन से पास | 12th RESULT

पटना। कोचिंग मास्टर के द्वारा परीक्षा पास कराने का झांसा देकर यौन शोषण की शिकार छात्रा बिहार बोर्ड की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास कर गई। आरएमडब्ल्यू कॉलेज मे पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के फर्स्ट डिवीजन पास होने से उसके परिवार वाले काफी खुश है लेकिन कोचिंग संचालक के द्वारा झांसा देकर शारीरिक संबंध से काफी दुखी हैं। छात्रा का कहना है कि मेरे आगे का मकसद अब कुकर्मी शिक्षक के को सजा दिलाना है जिसने शिक्षा की लालच देते हुए मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाया और हमारी जिंदगी तबाह कर दी। अगर ऐसे शिक्षक को सजा नहीं मिलेगी तो उसके हौसले दिन पर दिन और बुलंद होते जाएंगे।

परीक्षा में फर्स्ट डिवीजन पास होने वाली नाबालिग छात्रा का कहना है कि वह आगे की पढ़ाई जारी रखेगी और एक जिम्मेदार नागरिक बनेगी लेकिन अपने आरोपी कोचिंग संचालक को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना अब उसका मकसद है। उसका कहना है कि जिस तरह शिक्षक ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी उस तरह हम भी उसकी जिंदगी बर्बाद कर देंगे ताकि आज के बाद फिर कभी वह किसी दूसरी लड़की को अपने झांसे में नहीं लेगा। आपको बता दें कि कोचिंग संचालक की काली करतूत धीरे-धीरे लोगों के सामने आ रही है। पीड़िता ने बताया कि किस तरह पहली बार उसने शारीरिक संबंध बनाया था।

छात्रा ने बताया कि पहली बार शिक्षक के द्वारा कोल्ड ड्रिंक पिलाने का बहाना कर बुलाया गया तथा उसमें नशे की दवा मिलाई गई थी जिसे पीने के बाद हम बेहोश हो गए। फिर हमें कुछ भी पता नहीं चला आगे क्या हुआ जब हमें होश आया तो शिक्षक अपने मोबाइल से हमारी ब्लू फिल्म दिखा रहा था जिसे देखने के बाद हम उसका विरोध करने लगे तो। मेरे विरोध करने पर उने धमकी देते हुए कहा कि अगर किसी को भी इस बात की जानकारी हुई तो तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी क्योंकि मैं इसे इंटरनेट पर वायरल कर दूंगा। शिक्षक यह करतूत और अपनी आबरु को देखते हुए उसने किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं दी।

शिक्षक वीडियो दिखाकर रोजाना उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था और परीक्षा में पास कराने की बात करता था लेकिन एक दिन उसके बेटे के हाथ उसकी मोबाइल लग गई और सारे मामले का पर्दाफाश हो गया। फिलहाल पीड़िता ने कोचिंग संचालक के खिलाफ पास्को कोर्ट में मामला दर्ज करवाया है। वहहीं नाबालिग लड़की के पिता ने कहा कि शिक्षक ने हमारे साथ विश्वासघात किया है क्योंकि शिक्षक और हमारे परिवार के बीच एक अटूट विश्वास था। इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की हम मांग करते हैं ताकि इसके बाद कोई भी शिक्षक किसी की बहन-बेटी के साथ ऐसा करने से पहले हजार बार सोचे।