भोपाल में आरडी मेमोरियल कॉलेज वालों ने अपने हर्बल गार्डन को कचरा घर बना दिया: CAG REPORT

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 24 फरवरी 2026
: भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। आर.डी. मेमोरियल आयुर्वेदिक कॉलेज, भोपाल के कामकाज और बुनियादी ढांचे में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। हर्बल गार्डन किसी भी आयुर्वैदिक कॉलेज का अभिमान होता है परंतु आरडी मेमोरियल कॉलेज वालों ने अपने हर्बल गार्डन को कचरा घर बना दिया। इसके अलावा भी बहुत सारी गड़बड़ मिली है। 

CAG Report: RD Memorial College in Bhopal Turned Herbal Garden into Dump Yard

भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (Indian Medicine Central Council) के नियमों के अनुसार, प्रत्येक आयुर्वेद कॉलेज में एक विकसित औषधीय उद्यान होना चाहिए, जिसमें औषधीय पौधों की कम से कम 250 प्रजातियां होनी चाहिए। अगस्त 2024 में किए गए संयुक्त भौतिक सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि कॉलेज का हर्बल गार्डन मानदंडों के अनुसार नहीं रखा गया था। सबसे गंभीर बात यह थी कि हर्बल गार्डन का उपयोग कचरा फेंकने के स्थान (Dump yard) के रूप में किया जा रहा था।

गार्डन में औषधीय पौधे संख्या में बहुत कम थे। इसके अलावा, जो पौधे मौजूद थे, उनका न तो कोई उचित प्रबंध था और न ही उन पर पहचान के लिए लेबल लगे थे।

हर्बल गार्डन में औषधीय पौधों की अनुपलब्धता और उचित व्यवस्था न होने के कारण छात्र अपने पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) से वंचित रहे। 

2. Demonstration Room का अभाव

नियमों के अनुसार कॉलेज परिसर में 25 से 50 वर्ग मीटर का एक प्रदर्शन कक्ष होना अनिवार्य है। ऑडिट में पाया गया कि कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कक्ष का अस्तित्व ही नहीं था।

3. वित्तीय अनियमितता 

• रिपोर्ट के परिशिष्ट (Appendix-2.2.2) के अनुसार, आर.डी. मेमोरियल आयुर्वेदिक कॉलेज ने विश्वविद्यालय से परीक्षाओं के संचालन के लिए ₹87,000 की अग्रिम राशि (Advance) ली थी। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के एक महीने के भीतर इसका ऑडिटेड हिसाब देना अनिवार्य था, लेकिन तीन साल बाद भी इस राशि का समायोजन नहीं किया गया था।

विश्वविद्यालय की कार्रवाई 

इस मामले के सामने आने के बाद, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया कि संबंधित कॉलेज को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे। इसके अलावा, अग्रिम राशि की वसूली/समायोजन के लिए नवंबर 2023 में पत्र जारी किए गए हैं।
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