मोदी का स्किल इंडिया: दावा 40 करोड़ रोजगार का नतीजा 82 हजार

Updesh Awasthee
नईदिल्ली। 'बहुत हुई बेरोजगारी की मार, अबकी बार मोदी सरकार' नारे के साथ युवाओं का वोट हासिल करने वाली मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद नौकरियां बढ़ाने के बजाए घटा दीं। 2015 में मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने 53 प्रतिशत नौकरियां बांटीं। धूमधाम के साथ स्किल इंडिया की शुरूआत की। दावा किया कि सरकारी नौकरी नहीं तो क्या, हम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे। 7 वर्षों में 40 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे लेकिन हुआ उल्टा। अब तक मात्र 82 हजार लोगों को रोजगार मिला है। अब तो रद्दी वाले के यहां भी स्किल इंडिया के पर्चे दिखाई नहीं देते। उम्मीद थी इस बार जेटली सरकारी नौकरियों को लेकर कोई नई घोषणा करेंगे लेकिन युवा वर्ग फिर मायूस हो गया। 

मोदी सरकार में नौकरियां तेजी से घटीं, बेरोजगारी बढ़ी
सरकार के डाटा के अनुसार 2015 में केवल 135000 नए रोजगार के अवसर लोगों को प्राप्त हुये थे, जो कि पिछले 7 सालों में सबसे कम था। यह आंकड़ा यूपीए के शासन काल में सृजित हुई नई नौकरियों से भी 67 फीसदी कम था। 

कंपनियों में भी कम हो गईं नौ​करियां
सरकार जहां एक तरफ स्किल इंडिया जैसे मिशन चलाकर के रोजगार के नए अवसर पैदा करने की मुहिम में जुड़ी हुई है, वहीं कंपनियों पर टैक्स की ज्यादा मार पड़ने से नई नौकरियों की कमी हो गई है। सरकार इस वक्त छोटी कंपनियों को तो टैक्स छूट देकर के बढ़ावा दे रही है, वही दूसरी तरफ बड़ी कंपनियों पर टैक्स दर को 30 फीसदी कर दिया है। सरकारी बेरूखी के कारण मानव संसाधन में कमी बनी हुई है।

स्किल इंडिया: वादा 40 करोड़ का नतीजा 82 हजार
सरकार के आंकड़ों के हिसाब से फिलहाल 20 से अधिक मंत्रालयों में 70 से अधिक स्किल इंडिया कार्यक्रम चल रहे हैं। 2015 में सरकार ने इस कार्यक्रम की शुरूआत की थी और वादा किया था कि अगले 7 वर्षों में 40 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन एक साल में केवल 17.6 लाख लोग इससे जुड़ सके हैं। इनमें से भी केवल 5.8 लाख लोगों ने कोर्स को पूरा किया है, जिसके बाद केवल 82 हजार लोगों को रोजगार मिला है।  

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