नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग ने ताऱीखों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन सियासी सरगर्मियां बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसे में खबरें आ रही हैं कि बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अब न्यायिक सेवाओँ में भी आरक्षण लागू करने की तैयारी में है।
कानून मंत्रालय कोशिश में है कि चुनाव से पहले ही इसे लेकर केंद्रीय कैबिनेट में वो एक प्रस्ताव पेश कर सके, ताकि निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति में दलितों, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया जा सके।
मंगलवार को ही बिहार सरकार ने अपने राज्य में निचली अदालतों में 50 फीसदी आरक्षण लागू कर दिया है। लिहाजा बीजेपी भी चाहती है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द इस मुद्दे पर प्रस्ताव को तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे। पार्टी सूत्रों की मानें तो निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति को लेकर प्रस्ताव तैयार हो जाता है, तो इससे उसे न सिर्फ यूपी बल्कि पंजाब चुनाव में भी फायदा होगा। पंजाब में 34 फीसदी दलित मतदाता हैं जबकि यूपी में 20 फीसदी के आसपास दलित वोटर हैं। ऐसे में बीजेपी भी सरकार पर इस प्रस्ताव को लेकर दबाव बना रही है।
