दमोह बाढ़ के हालात, नियंत्रण कक्ष में फोन ही नहीं है

Updesh Awasthee
दमोह। दमोह जिले मेें पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जहां आम जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है वहीं जिले में बाढ़ के हालात बनना प्रांरभ हो गए हैं। जिले की प्रमुख नदियों सहित सभी छोटे बढ़े नदी नाले उफान पर हैं। लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांव का सम्पर्क जिला मुख्यालय से कट चुका है। 72 घंटे की भारी बारिश की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी थी और एहतियातन जिला मुख्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना 23 जून 2016 को की जा चुका है परंतु नियंत्रण कक्ष में फोन ही नहीं है। 

अभी तक दमोह जिले में औसतन 297.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। पिछले वर्ष 2015 में औसत बारिश का आंकड़ा 176.6 मिलीमीटर था। पिछले चौबीस घंटों में जिले में औसतन 46.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष कार्यालय अधीक्षक की मानमानी का शिकार होकर अस्तित्व हीन बना हुआ है। जिले की बाढ़ ग्रस्त जनता के लिए स्थापित किए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नम्बर 1077 तथा फोन नम्बर 07812223762 आज दिनांक तक बंद हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण से निपटने के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष में 90 कर्मचारियों को तैनात कर रखा है परंतु जब बाढ़ की सूचना ही नहीं मिल रही तो कर्मचारी क्या करें। 

बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी श्रीमति वर्षा दुबे ने बताया कि टेलीफोन खराब होने की सूचना हमने पहले ही वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी थी। टेलीफोन क्यों नहीं सुधारे गए इसकी मुझे जानकारी नहीं है। जिला कलेक्टर की नाक के नीचे बैठे कार्यालय अधीक्षक भरत गोस्वामी को उन हजारों लोगों की जरा भी चिंता नहीं है जिन पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पथरिया विधायक लखन पटैल ने अपने क्षेत्र का दौरा किया और बताया कि यदि बारिश लगातार जारी रही तो शीघ्र ही बाढ़ के हालात बन जायेगें और यदि जिला प्रशासन सर्तक नहीं है तो इसका खामियाजा आम नागरिक को उठाना पड़ सकता है। दूर संचार विभाग का कहना है कि कई महीनों से बिल जमा न होने क कारण फोन बंद है।

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