ग्वालियर। जिला पंचायत के सीईओ नीरज कुमार सिंह का 'गर्म खून' चर्चाओं में आ गया है। राजनैतिक गलियारों में अब उनके खून को ठंडा करने की योजनाएं बन रहीं हैं। विधायक की सरपरस्ती के चलते वो जिला पंचायत अध्यक्ष से भिड़ गए। यहां तक कह गए कि 'मेरा खून गर्म है..' बस फिर क्या था। सदस्य भी उखड़ गए। बवाल बढ़ा तो सीईओ का खून अपने आप ठंडा हो गया। एक एक सदस्य को बुलाकर समझाते रहे।
जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में अध्यक्ष मनीषा भुजबल यादव व सदस्यों का सीईओ नीरज कुमार सिंह से विवाद हो गया। दरअसल बैठक के दौरान अध्यक्ष मनीषा यादव ने सीईओ से कहा, ' आप लोग मेरा सम्मान नहीं करते। मेरे प्रोटोकॉल का भी ध्यान नहीं रखा जाता। नीतिगत मसलों पर न राय लेते हो और न ही फाइल साइन कराते हो। मेरे क्षेत्र में कोई भी कार्यक्रम हो या शुभारंभ हो, उसमें लगने वाले बैनरों पर मेरा नाम तक नहीं डाला जाता। जबकि हर जगह आप विधायक को पूछते हो।' इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने भी कहा कि उनके क्षेत्र में हैंडपंप लगाने, सीसी रोड निर्माण करने के प्रस्ताव पास नहीं होते। जबकि विधायक भारत सिंह कुशवाहा के कहने पर सदस्यों के फंड से काम करा देते हो।
जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों की इन आपत्तियों को सुनने के बाद अचानक सीईओ नीरज कुमार सिंह उखड़ गए। वह नाराजगी जाहिर करते हुए बोले, 'मेरा खून गर्म है...। लगता है आप लोगों को मेरी जरूरत ही नहीं है। इसलिए आप लोग ही मीटिंग कर लो। मैं चला जाता हूं।' सीईओ के 'खून गर्म' होने की बात जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों को बुरी लगी। इसके साथ ही उनके मीटिंग को बीच में छोड़कर चले जाने पर जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी कर ली। निंदा प्रस्ताव लाने की बात सीईओ तक जैसे ही पहुंची, वे मीटिंग में वापस लौट आए और अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी।
विधायक के दखल से परेशान हैं जिला पंचायत
साधारण सभा की बैठक में पूरे समय ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक भारत सिंह कुशवाहा को लेकर सदस्यगण आपत्तियां जाहिर करते रहे। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के सदस्यों का कहना था कि जब भी वे हैंडपंप लगाने, सीसी रोड बनाने आदि अन्य कार्यों के लिए प्रस्ताव लगाते हैं तो वे पेंडिंग पड़े रहते हैं। वहीं विधायक भारत सिंह कुशवाहा के कहने पर उनके फंड से निर्माण कार्यों के प्रस्ताव स्वीकृत कर लिए जाते हैं।
सदस्यों का कहना था कि जिला पंचायत में विधायक की दखलदांजी क्यों है। इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ सहित सभी जनपद सीईओ भी उनकी बात न मानते हुए विधायक के कहने पर काम क्यों करते हैं। जिला पंचायत में संवैधानिक रूप से जब उन्हें चुना गया है तो उनके निर्देश न मानते हुए पंचायत के अधिकारी विधायक की क्यों सुनते हैं। अध्यक्ष और सदस्यों के इन सवालों का जवाब सीईओ नहीं दे सके और मामला बहसबाजी तक पहुंच गया।
सीईओ देर शाम तक सदस्यों को ठंडा पिलाते रहे
बैठक के बाद देर शाम तक सदस्यों को मनाने का दौर चलता रहा। खासतौर पर शाम 6 बजे तक भाजपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्यों के साथ सीईओ नीरज कुमार सिंह मीटिंग करते रहे। सीईओ के मान-मनौव्वल का असर भी दिखा। दोपहर में मीडिया को फोन कर हंगामे की खबर देने वाले सदस्यगण शाम को प्रतिक्रिया देने और किसी तरह का विवाद नहीं होने की बात कहने लगे थे।
अध्यक्ष को ठंडा करने की कवायद
अध्यक्ष मनीषा यादव के प्रोटोकॉल का पालन न होने और विधायक भारत सिंह कुशवाहा का ही नाम हर कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह में शामिल किए जाने की आपत्ति पर सीईओ नीरज कुमार सिंह ने सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि वे अध्यक्ष मनीषा यादव के प्रोटोकॉल का ख्याल रखें। नीतिगत मसलों पर उनसे राय ली जाए। कोई भी काम कराएं तो उसकी सूचना उन्हें दी जाए।
