इंदौर। यह मामला इंदौर पुलिस की नाकामी का एक और प्रमाण है। शहर का एक गुंडा आए दिन एक लड़की से अश्लील छेड़छाड़ करता था। पिता ने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने कार्रवाई भी की, लेकिन पुलिस की कार्रवार्इ गुंडे को रोक पाने में बिफल रही। तंग आकर पिता ने अपनी बेटी को घर से दूर किराए के मकान में शिफ्ट किया, लेकिन वहां भी परेशानी कम ना हुई। दुखी पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम कुमारखाड़ी निवासी रमेश श्रीवाल (42) है। उनके घर के सामने रहने वाला मुकेश अकसर बेटी को परेशान करता था। उन्होंने 29 फरवरी को उसके खिलाफ शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। कुछ दिन बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया। इसके बाद वह रमेश और उनके परिवार को धमकाने लगा। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 151 की कार्रवाई भी की लेकिन वह नहीं सुधरा।
मां-बेटी को दूसरे इलाके में किराए से दिलाया मकान
रमेश ने पत्नी व बेटी को सुरक्षा के लिहाज से कुछ दिन के लिए रिश्तेदार के घर राजस्थान भेज दिया। दोनों लौटकर आईं तो आरोपी फिर परेशान करने लगा। इस पर उन्होंने पत्नी-बेटी को कॉलोनी से दूर खासगी का बगीचा में किराए का मकान दिलाया। वे कभी मां-बेटी के साथ तो कभी कुमारखाड़ी रहते थे। जब वे कुमारखाड़ी स्थित घर में सोते थे तो रात को दरवाजे पर अकसर पथराव होने लगा। आशंका है कि मुकेश ही उन्हें परेशान करता था। इससे दुखी होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
अर्थी रखकर लगाया जाम
अर्थी रखने से लगे जाम के कारण सैकड़ों वाहन पौन घंटे फंसे रहे। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि आरोपी से परेशान होकर ही रमेश ने जान दी है। उनकी मांग थी कि पुलिस आरोपी पर सख्त कार्रवाई करे। इस पर टीआई और अन्य पुलिस अफसरों ने आश्वासन दिया कि रमेश ने सुसाइड नोट नहीं लिखा। फिर भी परिजन के बयान के आधार पर जांच के बाद जो भी वैधानिक कार्रवाई हो सकेगी, वह पुलिस करेगी। इसके बाद लोग माने।
