नई दिल्ली। दिल्ली में ट्रेफिक लोड तेजी से बढ़ रहा है। सड़कें जाम हो गईं हैं। लोकल ट्रांर्स्पोटेशन के लिए मेट्रो चलाई, लेकिन वो भी फुल हो गई। पैर रखने को जगह नहीं बची। इसलिए अब सरकार यहां हवा में चलने वाले यात्री वाहन शुरू करने जा रही है। आप इसे 5 सीटर कार भी कह सकते हैं। जबकि इसका सही नाम ड्राइवरलेस पॉड्स मेट्रिनो है।
मंगलवार को ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर दो महीने के भीतर काम शुरु हो जाएगा। फर्स्ट फेज में दिल्ली के धौलाकुआं और हरियाणा के मानेसर के बीच शुरु होने वाले इस प्रोजेक्ट की कीमत 4000 करोड़ होगी। गडकरी ने बताया इन रोपवे पॉडस को चलाने के लिए हमें 4 टेंडर मिले हैं। शुरु होने के फर्स्ट फेज में यह प्रोजेक्ट 70 किलोमीटर के रास्ते को जोड़ेगी।
क्या है ड्राइवरलेस पॉड्स मेट्रिनो
मेट्रिनो एक ड्राइवरलेस व्हीकल है। यह रोपवे पर चलता। रोपवे प्रोजेक्ट इलेक्ट्रिसिटी से काम करता है। ड्राइवरलेस यह व्हीकल कंट्रोलरूम से कंट्रोल होगा और कुछ ही स्टेशनों पर रुकेगा। कुछ महीने पहले मोदी से सामने भी मेट्रिनो प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन हो चुका है। प्रोजेक्ट के मुताबिक एक पॉड में 5 लोग बैठ सकते हैं। इससे एक घंटे में लगभग 7500 लोग सफर कर सकेंगे। गडकरी के मुताबिक इस सर्विस के शुरु होने पर मेट्रो और सड़कों पर ट्रैफिक का प्रेशर कम होगा।
मेट्रो से सस्ता है मेट्रिनो
गडकरी ने बताया कि मेट्रिनो की लागत 50 करोड़ रुपये/किमी आती है। इस तरह से यह मेट्रो से सस्ता होगा, मेट्रो की शुरुआती फाइनेंसियल कॉस्ट 250 करोड़ रुपये /किलोमीटर के करीब है।
