सुधीर ताम्रकार/बालाघाट। नेशनल ग्रीन टिब्यूनल राष्टीय हरित प्राधिकरण की भोपाल बेंच ने बालाघाट नगर पालिका एवं कलेक्टर बालाघाट को देवी तालाब सहित शहर के सभी तालाबों को संरक्षित किये जाने के लिये आदेश जारी कर दिये है। तदाशय का आदेश गत 22 अप्रेल को तालाबों के सरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान जारी किया गया है।
जिला कलेक्टर बालाघाट की ओर नियुक्त अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालाघाट कामेश्वर चैबे प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित हुये थे। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं नगर पालिका बालाघाट ने सयुक्त रूप से प्रस्तुत अपने प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया है कि खसरा क्रमांक 319 में स्थित देवी तालाब के सीमाकंन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें उन्होने बताया की खसरा क्रमांक 319 रकबा 16.14 एकड में से 10.30 में जल व्याप्त है एवं 0.83 एकड क्षेत्र में मुरूम डालकर तालाब को पाटने का प्रयास किया गया है तथा 5.01 एकड क्षेत्र में अतिक्रमणकारित कर पक्की इमारते एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान निर्मित किये गये है। जिन्हें हटाकर देवीतालाब को उसके मूल स्वरूप में स्थापित करने के लिये अधिकरण द्वारा जिला कलेक्टर बालाघाट एवं नगर पालिका परिषद बालाघाट को आदेशित किया गया है।
जारी किये गये आदेश में अधिकरण द्वारा यह उल्लेख किया गया है कि आज देश के विभिन्न प्रदेशों में सुखे की मार झेलरहे लोगों की परेशानी देखकर अधिकरण भी चितिंत है जिन्होने मना की एक ओर आम जनता किसान सुखे के कारण आत्महत्या कर रहे है तो दुसरी ओर जल स्त्रोतों को नेस्तनाबुत करने पर भू माफिया तुले हुये है। जल सग्रहण क्षेत्रों में क्रांकीट सीमेट की उंची इमारते बनाकर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। जिसके कारण आम लोग बंूद बंूद पानी के लिये तरस रहे हैं और लगातार जल स्तर घटता जा रहा है। इसके कारण आमजनों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है और जिम्मेदार शासन प्रशासन इस ओर कोई कार्यवाही नही कर रहा है।
सुनवाई के दौरान फरयादी सुरेश कोचर और विवेक चैधरी अधिवक्ता उपस्थित हुये। एनजीटी द्वारा आदेशित इस फैसले का सर्वत्र स्वागत किया जा रहा है।
