शिवपुरी। उल्टी दस्त से पीड़ित दो साल की बेटी का जिला चिकित्सालय में इलाज करा रही बिलुपुरा ग्राम पंचायत की दलित सरपंच को जब पंचायत सचिव ने फोन पर धमकाया कि ग्राम सभा में आओ नहीं तो तुम्हें सरपंच पद से हटा देंगे। इससे घबराई सरपंच ने गर्मी में बीमार बच्ची को गोद में लिया, पति ने ड्रिप हाथ में थामी और अस्पताल छोड़ दिया।
बिलुपुरा पंचायत की सरपंच वासु जाटव अपने पति नक्की जाटव के साथ दो वर्षीय बेटी निक्की को उल्टी दस्त की गंभीर शिकायत के चलते जिला चिकित्सालय में दो दिन पूर्व उपचार के लिए लेकर आए। यहां बेटी का उपचार चल ही रहा था कि अचानक रविवार को गांव से सचिव रामलाल रावत की खबर आई कि ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के अंतर्गत रविवार को राष्ट्रीय पंचायत दिवस का कार्यक्रम है। जिसमें ग्राम सभा का आयोजन होगा साथ ही तीन बजे देश के प्रधानमंत्री सभा को संबोधित करेंगे। दलित सरपंच की माने तो सचिव ने उन्हें धमकी दी कि यदि वह ग्राम सभा में नहीं आई तो गांव के उपसरपंच को वह सरपंच बना देगा।
इस बात को सुनकर सरपंच वासु जाटव और उसके पति नक्की जाटव डर गए। और उन्होंने रविवार दोपहर अस्पताल में भर्ती बेटी रोशनी के जीवन की परवाह किए बिना उसे बिना छुट्टी के हाथ में ड्रिप लगे ही पैदल बिलुपुरा के रास्ते के लिए निकल पड़े। लेकिन भास्कर टीम ने जब सचिव से बात की तो वह मान गया और अंतत: बीमार बच्ची को सरपंच अस्पताल ले गई।
मैंने तो कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया था
