रतलाम। यहां एक आदिवासी ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि वो टीआई की रिश्वत की किश्त नहीं चुका पा रहा था। टीआई ने रिश्वत में 1.70 लाख रुपए मांगे थे। अपना सबकुछ बेचकर भी वो 70 हजार ही जुटा पाया था। प्रताड़ना से तंग आकर उसने फांसी लगा ली।
जानकारी के मुताबकि टीआई आरसी बजैय्या और एएसआई प्रेम परमार ने नाहरपुरा गांव के रहने वाले बुजुर्ग आदिवासी नग्गाजी से एक लाख 70 हजार रूपए की रिश्वत की मांग की थी। ये रिश्वत वर्ष 2013 में आत्महत्या के एक प्रकरण में नग्गाजी और उसके परिवार को नहीं फंसाने के लिए मांगी गई थी।
बुजुर्ग आदिवासी ने टीआई आरसी बजैय्या और एएसआई प्रेम परमार को अपने जेवर और मवेशी बेचकर 70 हजार रूपए दिए, बावजूद इसके पुलिस की प्रताड़ना लगातार जारी रही। जिससे परेशान होकर इस बुजुर्ग आदिवासी ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे की जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया और दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इस जांच को पूरा होने में 3 साल लग गए।
