नईदिल्ली। संसद का सत्र सोमवार अर्थात 25 अप्रैल, 2016 से वित्त वर्ष 2016-17 के लिए आम बजट एवं रेल बजट से संबंधित वित्तीय कामकाज को पूरा करने के लिए प्रारंभ होगा तथा इसके 13 मई, 2016 तक चलने का कार्यक्रम है जो कि सरकार के व्यवसायों की अनिवार्यताओं पर निर्भर करेगा। लोकसभा का आगामी सत्र 16वीं लोकसभा का 8वां सत्र होगा और राज्य सभा का 239वां सत्र होगा। इस वर्ष मार्च में विभाग संबंधित स्थाई समितियों की बैठकों के लिए 16 मार्च को दोनों सदनों को स्थगित कर दिए जाने के बाद संसद के पूर्व सत्रों को स्थगित कर दिया गया था।
संसद के इस सत्र की मुख्य कार्यसूची के वित्तीय व्यवसायों में लोक सभा में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों एवं राज्य सभा में कुछ मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा, रेल विनियोग विधेयक 2016 पर विचार एवं पारित किए जाने एवं वित्त विधेयक 2016 प्रमुख हैं। लोक सभा में 26 अप्रैल को वित्त वर्ष 2016-17 के लिए रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों एवं संबंधित विनियोग विधेयक को चर्चा के लिए उठाया जाएगा। इसके बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और नागरिक उड्डयन की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।
राज्य सभा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, सूक्ष्म लघु एवं मझोले उद्यम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर चर्चा करेगी। इसके बाद वित्त विधेयक 2016 एवं गिलोटिन के उपयोग मामले को उठाया जाएगा।
लोक सभा में उठाए जाने वाले अन्य विधायी कामकाजों में शामिल है:
1. सिख गुरुद्वारे (संशोधन) विधेयक, 2016 पर विचार और इसे पारित किया जाना जैसाकि राज्यसभा द्वारा पारित किया गया (25 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध);
2. जैव प्रौद्योगिकी के लिए क्षेत्रीय केंद्र विधेयक, 2016 पर विचार एवं इसे पारित किया जाना (25 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध);
3. कारखाना (संशोधन) विधेयक, 2014 (स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी );
4. बिजली संशोधन विधेयक, 2014 (स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी);
5. लोकपाल और लोकायुक्त और अन्य संबंधित कानून (संशोधन) विधेयक, 2014 (स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी );
6. मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2015 (स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी);
7. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2015 (स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी);
8. प्रतिपूरक वनीकरण निधि विधेयक, 2015 (स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी);
9. दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2015 (संयुक्त समिति की रिपोर्ट का इंतजार है);
10. बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन विधेयक, 2015 (स्थायी समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा है);
11. उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2015 (स्थायी समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा है );
12. कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2016 (स्थायी समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा है); तथा
13. भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन (संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2015 में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार (संयुक्त समिति की रिपोर्ट का इंतजार है)।
राज्यसभा में उठाए जाने वाले विधायी कामकाज में शामिल हैं;
1. संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2016 जैसा कि लोक सभा द्वारा पारित किया गया;
2. विनियोग अधिनियम (निरसन) विधेयक, 2016 जैसा कि लोकसभा द्वारा पारित किया गया;
3. निरस्त और संशोधन (तृतीय) विधेयक, 2016 जैसा कि लोकसभा द्वारा पारित किया गया;
4. खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2016 जैसा कि लोकसभा द्वारा पारित किया गया;
(उपरोक्त चार विधेयक 25 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध)
5. जीएसजी की शुरूआत से संबंधित संविधान (120 सेकंड) संशोधन विधेयक जैसा कि लोक सभा द्वारा पारित गया एवं राज्य सभा की प्रवर समिति द्वारा रिपोर्ट की गई;
6. शत्रु संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक, 2016 जैसा कि लोकसभा द्वारा पारित किया गया और राज्य सभा की प्रवर समिति द्वारा रिपोर्ट की गई;
7. व्हिसल ब्लोअर संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2015 जैसा कि लोकसभा द्वारा पारित किया गया;
8. भारतीय न्यास (संशोधन) विधेयक, 2015 जैसा कि लोकसभा द्वारा पारित किया गया;
9. उद्योग (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2015 जैसा कि लोकसभा द्वारा पारित किया गया;
10. भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 1987 जैसी कि संयुक्त समिति द्वारा रिपोर्ट की गई तथा
11. भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन (संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2015 में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार जैसा कि लोक सभा द्वारा पारित गया एवं संयुक्त समिति को अनुशंसा की गई।
25,अप्रैल, 2016 से शुरू होने वाले सत्र के 15 बैठकों के दौरान संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत उत्तराखंड में राष्ट्रपति उद्घोषणा के अनुसमर्थन के अतिरिक्त दो अध्यादेशों अर्थात, उत्तराखंड विनियोग (लेखानुदान) अध्यादेश, 2016 और शत्रु संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यकरण) द्वितीय अध्यादेश, 2016 भी सूची में शामिल हैं।
