भोपाल। आज से प्रदेश में बिजली व्यवस्था ठप्प रह सकती है। यदि लाईन में कोई फाल्ट आ गया तो सुधारने वाला कोई नहीं होगा। लोग गर्मी में बिना बिजली के परेशान रह सकते हैं, रात को अंधेरे में रह सकते हैं क्योंकि प्रदेश के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के दस हजार संविदा लाईनमेन, परीक्षण सहायक, जुनियर इंजीनियर, सहायक यंत्री आज से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल में आज सभी अपने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगें।
क्यों हैं हड़ताल पर
म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकरी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर एवं म.प्र. युनाईटेड फोरम पावर इंम्पलाईज एवं इंजीनियर्स संघ के संयोजक व्ही.के.एस. परिहार ने बताया कि अटल ज्योति योजना में चैबीस घंटे घर-घर बिजली पहुंचाने वाले सरकार के सपने को साकार करने वाले दस हजार संविदा कर्मचारी अधिकारी जो कि पिछले पांच वर्षो से कार्य कर रहे थे । जिनकी प्रतिवर्ष संविदा बढ़ाई जा रही थी । इन संविदा कर्मचारियों को मध्यक्षेत्र बिजली कम्पनी के एम.डी. विवेक पोरवाल ने नोटिस जारी कर दिया है कि कम्पनी आपको हटाकर संविदा पर ही नई भर्ती करने जा रही जिससे कर्मचारियों मेें आक्रोश फेल गया है ।
हकीकत क्या है
सभी कम्पनियों की होल्डिंग कम्पनी एम.पी.पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 11 फरवरी 2016 को बिजली कम्पनियों में पूर्व से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए एक एच.आर. नीति बनाई है । इस एचआर नीति के बिन्दु क्र. 4.4 में स्पष्ट उल्लेख है कि इस नियम के प्रभावशील होने के पूर्व से कार्यरत संविदा कर्मचारी इस एच.आर.नीति के तहत आगामी साठ साल तक कार्य करते रहेंगें । जिसके लिये कम्पनी एक चयन समिति बनायेगी और उनका अप्रैजल करके उनकी संविदा अवधि बढ़ाई जायेगी। लेकिन मध्यक्षेत्र के एम.डी. विवेक पोरवाल के द्वारा हठधर्मिता अपनाकर पावरमैजमेंट कम्पनी के आदेश का पालन नहीं करते हुये नई भर्ती करने पर आमदा हो गये हैं । जिसके विरोध में प्रदेश के सभी दस हजार बिजली लाईनमेन, परीक्षण सहायक, जुनियर इंजीनियर, सहायक यंत्री हड़ताल पर चले गये हैं।
भाजपा के घोषणा पत्र में नियमितीकरण का वादा
म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकरी महासंघ के बिजली विभागीय इकाई के अध्यक्ष दीपक चैधरी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के 2013 के चुनावी घोषणा पत्र के पृष्ठ क्र 33 पर स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि तीसरी बार सरकार बनने पर बिजली संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जायेगा।
कर्मचारी ओवरऐज हो गये हैं अब क्या होगा
इन संविदा कर्मचारियों की नयुक्ति विज्ञापन निकालकर पारदर्शी तरीके से की गई है इन कर्मचारियों को पांच वर्ष का अनुभव हो गया नये लोग आयेंगें उनको दो तीन साल काम सीखने में लगेंगे । फिर नई भर्ती क्यों । नई भर्ती से सरकार के धन की बर्बादी होगी ।
सरकार के खिलाफ आक्रोश
दस हजार संविदा कर्मचारी अधिकारी निकाले जायेंगें। उनके परिवार और रिश्तेदार नातेदारों में सरकार के खिलाफ आक्रोश फैलेगा।
क्या चाहते हैं बिजली संविदा कर्मचारी
कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें हटाने की बजाए जिस तरह से संविदा अवधि बढ़ाई जा रही थी उसी तरह बढ़ाई जाए, पावरमैनेजमेंट कम्पनी के द्वारा बनाई गई एच.आर पालीसी लागू मध्यक्षेत्र तथा सभी बिजली कम्पनियों में लागू की जाए । तथा घोषणा पत्र में किये गये वादे को पूरा करने के लिए संविदा बिजली कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए ।