भोपाल। अतिथि शिक्षक मोर्चा के संस्थापक आशीष जैन ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के लिए प्रत्येक सत्र में नए सिरे से आवेदन करने की प्रक्रिया समाप्त करने, स्थायी नियुक्ति सहित मध्यप्रदेश के सरकारी विघालयो में कार्यरत व पूर्व रजिस्टर्ड 4 लाख 80 हजार अतिथि शिक्षको को अनुभव के आधार पर अध्यापक संवर्ग में संविलियन किया जाये।
उन्होने कहा कि अतिथि शिक्षको ने मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलो में वर्ष 2007 से 2015 तक जिदगी के 8 वर्ष सरकारी विघालयो में व्यतीत कर शेक्षणिक व गेर शेक्षणिक कार्य कर शिक्षा की गुणवक्ता को सुधारा है। विद्यार्थियों को पढाने के आलावा अतिथि शिक्षको अन्य काम भी लिए जा रहे हैं। हाल यह है कि उनकी स्थिति शिक्षक के साथ चपरासी की बनकर रह गई है।
अतिथि शिक्षको ने स्कूलो में अध्यापन कराने के साथ साथ मध्याहन भोजन का वितरण कराया , डाकिये के समान संकुल व ब्लाक स्तर पर डाक को लेकर आना व लेकर जाना ,चपरासी के समान विघालयो में झाड़ू लगाना ,मजदूरो के समान बच्चो को पानी भरकर पिलाना , हाई स्कूल व हायर सेकण्डार स्कूलो में तीन कालखंड की जगह प्रतिदिन 6 कालखंड में अध्यापन कार्य कराया है।
विगत 8 वर्ष से महगाई के इस दोर में अतिथि शिक्षक 100 रूपये प्रतिदिन मजूदरी पर कार्य कर रहे है। महिने का मानदेय 2500 रूपये मिलता है। बीते 8 वर्ष में सरकार ने अतिथि शिक्षको के हित में कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने जुलाई 2015 में प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी स्कूलो में 31 दिसंबर 2015 तक ही अतिथि शिक्षको की सेवाये लेने का आदेश जारी किया था। अतिथि शिक्षको की सेवाये समाप्त कर देने से प्रदेश में शेक्षणिक व्यवस्था चरमरा जायेगी । प्रदेश सरकार एक सप्ताह के अन्दर अतिथि शिक्षको का कार्यकाल 15 अप्रेल 2016 तक बड़ाये तथा अतिथि शिक्षको को नियमित कर अध्यापक संवर्ग में शामिल करे।
