भोपाल। इधर सरकार का खजाना खाली है, उधर सरकारी मशीनरी जेल जा चुके कर्मचारियों को भी वेतन बांट रही है। मामला उच्च शिक्षा विभाग का है। एक बाबू 2 महीने से जेल में है, लेकिन उसका वेतन उसके अकाउंट में जमा कराया जा रहा है।
ये पूरा मामला उच्च शिक्षा विभाग संचालनालय का है। जहां पर काम करने वाला क्लर्क आलोक चौहान पिछले दो महीने से इंदौर जेल में बंद है। एक साल पहले ही आलोक चौहान को इंदौर से सतपुड़ा भवन स्थित उच्च शिक्षा विभाग में अटैचमेंट किया गया था। यहां पर दो महीने पहले चौहान का एक बिल्डर से विवाद हो गया। जिस पर बिल्डर ने चौहान के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी। जांच में आरोप सही पाने के बाद पुलिस ने चौहान को हिरासत में ले लिया।
इसकी जानकारी पुलिस ने उच्च शिक्षा विभाग संचालनालय को भी दी लेकिन यहां पर अधिकारियों ने न तो क्लर्क को सस्पेंड किया और न ही उसका वेतन रोका गया। वो आफिस नहीं आ रहा लेकिन उसकी हाजरी लग रही है। जेल में होने पर भी क्लर्क आलोक चौहान की सैलेरी उनके खाते में पहुंच रही है।

