भोपाल। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण पर पुनर्विचार का सुझाव दिया था। बिहार चुनाव के कारण मोदी सरकार ने इस विषय को टाल दिया परंतु मप्र में शिवराज सिंह चौहान ने इसका तीखा विरोध कर डाला। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण की बदौलत ही मैं सीएम और मोदी पीएम बन सके हैं। शिवराज के इस अप्रत्याशित बयान के कई मायने निकाले जाने लगे हैं क्योंकि इस तरह की बयानबाजी शिवराज का चरित्र नहीं रही हैं।
राजधानी भोपाल में बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। उन्होंने कहा कि, 'बाबा साहब अंबेडकर नहीं होते, तो मैं सीएम नहीं होता और नरेंद्र मोदी पीएम नहीं होते। देश में कोई भी माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।
उल्लेखनीय है कि सीएम शिवराज सिंह का यह बयान उस समय आया है जब देशभर में आरक्षण को लेकर बहस छिड़ी हुई है। RSS चाहता है कि आरक्षण की समीक्षा की जाए एवं इसका लाभ उन लोगों तक पहुंचाया जाए जिन्हे इसकी जरूरत है। स्पष्ट है कि RSS जाति आधारित आरक्षण प्रणाली बदलना चाहता है। बिहार चुनाव के कारण भाजपा ने खुद को इससे अलग कर लिया था परंतु मप्र में शिवराज ने ऐसा तीखा बयान क्यों दिया, यह अनुसंधान का विषय हो गया है।

