अध्यापक मोर्चे के प्रदेश संरक्षक मनोज मराठे ने ईस बात को लेकर भोपाल समाचार के माध्यम से खुला खत लिखकर कहा की माननीय मुख्य मंञी जी का ये कदम स्वागत योग्य है कि आप अध्यापको के साथ मिल बैठ कर समास्याओ का समाधान करने को तैयार हैं, पर कब ? इसके लिये समय तो तय करो। कहने भर से बात नही बनती जब पिछली बार अधिकारियो से चर्चा हुई तो जिम्मेदारी किसी ने नही ली ओर गिरफ्तारीयां हो गयीं। पर फिर भी आन्दोलन से लेकर अब तक पहलीबार मुख्यमंत्री जी का बयान हम अध्यापकों के लिए राहत की खबर है। पर अभी तक वार्ता के लिए समय सीमा के साथ वार्ता के लिए मांग के मुद्दे भी तय हों। कि किस किस विषय पर चर्चा होगी। कही ऐसा ना हो की चर्चाओ का दौर चलता रहे है ओर अन्य कर्मचारियों को सातवां वेतनमान लग जाये और हम केवल ?
अब माननीय मुख्यमंत्री जी ने एक कदम आगे बढ़ा कर जैसा उनका स्वभाव है हम अध्यापकों को प्रतिनिधि मंण्डल के रूप मे बुला कर 6वेतन मान व संविलयन का मसौदा तैयार कर वार्ता का समय तय कर बुलाना चाहिए न के अधिकारिक मीटिंग कर चाय पान कर हडकाना चाईये!
मनोज मराठे
संरक्षक
अध्यापक मोर्चा
7581880888

