नई दिल्ली। दादरी कांड और बीफ पर सियासत का दौर खत्म होता नहीं दिख रहा है। मामला शांत होने के बजाए गर्माता ही जा रहा है। इस बार हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने विवाद को हवा दी है। खट्टर ने दादरी में हुई घटना को गलत और गलतफहमी का नतीजा करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि मुस्लिम इस देश में रह सकते हैं, लेकिन उन्हें बीफ खाना छोड़ना होगा।
खट्टर ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि गाय, गीता और सरस्वती देश के बहुसंख्यक समुदाय के लिए धार्मिक विश्वास के प्रतीक हैं। मुस्लिम रहें, मगर इस देश में उन्हें बीफ खाना छोड़ना ही होगा। खट्टर से पूछा गया था कि वह दादरी की घटना को किस तरह से देखते हैं और क्या इन घटनाओं से देश में ध्रुवीकरण नहीं बढ़ेगा? इसी के जवाब में खट्टर ने ये बात कही।
मुस्लिम इस देश में रह सकते हैं लेकिन उन्हें बीफ खाना छोड़ना होगा: खट्टर दादरी कांड और बीफ पर सियासत का दौर खत्म होता नहीं दिख रहा है। मामला शांत होने के बजाए गर्माता ही जा रहा है। इस बार हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने विवाद को हवा दी है।
खट्टर ने कहा कि दादरी की घटना गलतफहमी की वजह से हुई। ऐसा नहीं होना चाहिए था। दोनों तरफ से गलती हुई है। खट्टर ने दावा किया कि पीड़ित ने गाय को लेकर 'हल्की टिप्पणी' की, जिसकी वजह से लोगों का गुस्सा भड़का। खट्टर ने यह भी कहा, ''किसी शख्स पर हमला करना और उसकी हत्या कर देना भी गलत है।
खट्टर ने कहा कि जो इस मामले के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून सजा देगा। हालांकि, उन्होंने इस घटना में भीड़ की तुलना उस शख्स से की, जो अपनी मां की हत्या या बहन के साथ छेड़छाड़ होते देखता है और उसका गुस्सा भड़क उठता है। सीएम ने कहा कि हमें घटना के पीछे की वजहों को समझना होगा। हमें यह समझना होगा कि किसी ने ऐसा क्यों किया?
खट्टर ने गोवध पर बैन से जुड़े कानून को राज्य सरकार के सबसे अहम उपलब्धि में गिनाया। खट्टर के कार्यकाल में ही हरियाणा में गोवंश पर कानून पास किया गया। हरियाणा गोवंश संरक्षण और गो-संवर्धन कानून के मुताबिक, गाय को मारने का जुर्म साबित होने पर 10 साल की सजा हो सकती है। इसके अलावा, बीफ खाना साबित होने पर आरोपी को पांच साल तक की सजा हो सकती है।
उधर, खट्टर के बयान के बाद विपक्ष ने उन पर हमला बोल दिया है। आरजेडी नेता मनोझ ने कहा कि खट्टर जी तय करेंगे कौन रहेगा मुल्क में? संविधान पर शपथ लेते हैं और उसी की धज्जियां उडाते हैं। खट्टर को संविधान का ज्ञान नही है।1 दिन की छुट्टी लेकर संविधान पढ़ें।
वहीं कमाल फारूकी ने कहा कि सीएम को समझ लेना चाहिए कि वो सीएम हैं। धमकी की बातें करना छोड़ दें। वह आरएसएस के नेता नहीं हैं। अब सीएम हैं। ये धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुल्क में सिस्टम है कानून है।
जबकि कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि गाय की इज्जत करनी चाहिए, वो अलग सवाल है। सीएम का ये बयान संविधान के खिलाफ है। इस बयान के बाद उन्हें सीएम बने रहे का अधिकार नहीं है। काटजू के बारे में उनको क्या कहना है। संविधान के खिलाफ है। मैं उनके इस्तीफे की मांग करता हूं। पीएम को उन्हें हटा देना चाहिए।

