मप्र केबिनेट मीटिंग के निर्णय 28/10/2015

Updesh Awasthee
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य मंत्रि-परिषद् की बैठक में लोक सेवा आयोग के 'राज्य सेवा परीक्षा नियम-2008' के स्थान पर नया नियम 'राज्य सेवा परीक्षा नियम-2015' बनाये जाने को मंजूरी दी गई।

मंत्रि-परिषद् ने मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड जबलपुर को कार्यशील पूँजी की व्यवस्था के लिए ग्रामीण विद्युतीकरण निगम, नई दिल्ली से 500 करोड़ की राशि का मध्यावधि ऋण प्राप्त करने के लिये राज्य शासन की गारंटी देने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद् ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों में मृत व्यक्तियों की जीवित विधवाओं, वृद्ध माता-पिता तथा घायलों को पेंशन देने का अनुसमर्थन किया। पेंशनर को एक अप्रैल 2013 से 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जायेगी।

मंत्रि-परिषद् ने वर्ष 2015 और 2016 में उप संचालक अभियोजन के पद पर पदोन्नति के लिए विभागीय भर्ती नियम में विहित निम्नतर संवर्ग में अर्हकारी सेवा 5 वर्ष के अनुभव में 2 वर्ष की छूट एक बार दिये जाने का निर्णय लिया।

इसी प्रकार मंत्रि-परिषद् ने नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग में अधीक्षण यंत्री की कमी को देखते हुए पदोन्नति के लिए सेवा भर्ती नियम में निर्धारित अर्हकारी सेवा अवधि 5 वर्ष में एक बार एक वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद् ने 14 अक्टूबर 2015 को इंदौर में भारत-दक्षिण अफ्रीका के मध्य खेले गये एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच के टिकटों पर लगने वाले मनोरंजन कर से पूरी तरह छूट देने का अनुमोदन किया।

मंत्रि-परिषद् ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मांधाता और ओंकारेश्वर का विलय कर ओंकारेश्वर में 20 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की स्थापना का निर्णय लिया। इसमें विद्यमान पदों के अलावा अतिरिक्त पैरामेडिकल और अन्य संवर्ग के 11 नये पद को मंजूरी दी गई। भवन निर्माण के लिए 225 लाख और उपकरण, फर्नीचर के लिए 43.95 लाख कुल अनावर्ती व्यय 268.95 लाख की राशि विभागीय बजट से वहन करने की भी मंजूरी दी गई।

मंत्रि-परिषद् ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की आवश्यकता को देखते हुए प्रमुख अभियंता का एक पद निर्मित करने का निर्णय लिया।

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