नईदिल्ली। समुद्र किनारे मिली एक मासूम की लाश ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। इसके माता पिता इस्लामिक स्टेट से कहर से बचने के लिए तुर्की से ग्रीस के कोस द्वीप जाने के लिए निकले थे। 2 नावों में कुल 12 शरणार्थी थे। दोनों नावें डूब गईं और जिंदगी की तलाश में निकले सभी नागरिकों की मौत हो गई।
खबरों के मुताबिक, तुर्की के बोडरम प्रायद्वीप से 12 मील दूर ग्रीस के कोस द्वीप रवाना हुई दो नौकाएं समुद्र में डूब गईं, जिसमें करीब 30 लोग सवार थे। तटरक्षक बलों ने इनमें 12 शवों को बरामद कर लिए, जिसमें पांच बच्चे और एक महिला शामिल थी। जबकि लाइफ जैकेट पहने 15 लोगों को बचा लिया गया।
लेकिन तुर्की में पर्यटन के प्रमुख केंद्र बोडरम के तट के पास लाल टी-शर्ट पहने एक बच्चे का शव उतारते हुए पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर ह्यूमैनिटी वाश्ड एशोर (मानवता पानी में बह गई) के हैशटैग से जो चर्चा छिड़ी, उसका असर पूरे यूरोप में देखा गया।
इसके बाद फ्रांस, ब्रिटेन, इटली समेत कई देशों ने तय किया है कि वे शरणार्थियों को शरण देने के लिए और उदार नीति बनाएंगे और यूरोपीय देशों में उनका सही ढंग से बंटवारा किया जाएगा।
डोगान समाचार एजेंसी का कहना है कि इस्लामिक स्टेट के आतंक से बचने के लिए सीरिया के कुर्द इलाके से हजारों शरणार्थी तुर्की पहुंचे हैं और ये अभागे उन्हीं में से एक थे, जो एक सुनहरे भविष्य की खोज में ग्रीस जाने की कोशिश में थे। तुर्की सरकार का कहना है कि वह इस साल समुद्र से करीब 42 हजार शरणार्थियों को बचा चुकी है।

