भोपाल। प्रदेश में रविवार को पहली बार ऑनलाइन हुई डीमैट की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। अब नए सिरे से परीक्षा होगी। एपीडीएमसी इस बारे में अब हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। रविवार को हुई परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अव्यवस्थाओं की शिकायत की थी। इंदौर और जबलपुर में परीक्षा सेंटर्स पर ज्यादा दिक्कतें आने के कारण पूरी परीक्षा ही निरस्त कर दी गई है। टेस्ट में देशभर से 18 हजार छात्र शामिल हुए थे।
एपीडीएमसी के सचिव अनुपम चाैकसे ने परीक्षा निरस्त करने की पुष्टि की है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस में दाखिले के लिए डेंटल एंड मेडिकल में दाखिले के लिए डेंटल एंड मेडिकल एडमिशन टेस्ट रविवार को हुआ था। 12 बजे शुरू हुई इस परीक्षा में परीक्षार्थियों को दो घंटे पहले ही केंद्र पर बुलाया गया था। मेटल डिटेक्टर के द्वारा सभी परीक्षार्थियों की चैकिंग की गई। सख्त चैकिंग के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने दिया गया। दोपहर 3 बजे परीक्षा खत्म होते ही रिजल्ट घोषित कर दिया गया, लेकिन मैरिट लिस्ट नहीं बनी। परीक्षा के लिए 8 राज्यों में 87 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सबसे ज्यादा 30 परीक्षा केंद्र दिल्ली में बनाए गए थे।
परीक्षा को लेकर व्यापमं मामले के व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय ने आरोप लगाया था कि एसोसिएशन ने एग्जामिनेशन एजेंसी से सांठगांठ कर 30 परीक्षा केंद्र दिल्ली में रखे हैं। भोपाल में सिर्फ 5 केंद्र बनाए गए। इनमें दो परीक्षा केंद्र एलएनसीटी ग्रुप के कॉलेजों में थे। इस कारण परीक्षा की पारदर्शिता एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
पारदर्शिता पर संदेह जताना गलत है
वहीं, एपीडीएमसी के सचिव अनुपम चौकसे ने बताया कि इस बार ऑनलाइन डीमेट हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है। इस कारण प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता पर संदेह जताना गलत है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के परीक्षा केंद्रों से डीमेट देने वालों में वे छात्र भी शामिल हैं जो पहले ही कॉलेजों की सीट खरीद चुके हैं। इस कारण प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण विनियामक समिति पहली बार ऑनलाइन हो रही डीमेट परीक्षा की निगरानी करे। वहीं, एपीडीएमसी के सचिव अनुपम चौकसे ने बताया ऑनलाइन डीमेट फॉर यूजी हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है। इस कारण प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता पर संदेह जताना गलत है।
परीक्षा के दो घंटे पहले रिपोर्टिंग
सचिव चौकसे ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा दोपहर 12 बजे शुरू हुई। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पहले सुबह 9 से 10 बजे के बीच एग्जामिनेशन हाल में अपनी उपस्थिति देने को कहा गया था, इस आधार पर छात्र सही समय पर अपने-अपने सेंटरों पर पहुंच गए थे।

