मुंबई। शीना मर्डर केस की जांच कर रहे पुलिस कमिश्नर के हाथ जैसे ही एक ताकतवर की कॉलर तक पहुंचे, उन्हें इस केस से हटा दिया गया। उन्हें प्रमोशन के नाम पर होमगार्ड का डीजी बना दिया गया है। इस केस में एक बड़े बिजनेसमैन का नाम सामने आ रहा है।
पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया को प्रमोशन मिलना ही था लेकिन इस केस गुत्थी सुलझाने के दावे के अगले ही दिन मारिया को हटाने से अटकलों का बाजार गरमा गया था। इस बीच यह भी खबर आई है कि होमगार्ड डीजी पद पर प्रमोशन होने से नाराज राकेश मारिया इस्तीफ़ा भी दे सकते हैं।
शीना हत्याकांड में मारिया का व्यक्तिगत रुचि दिखाना कई नेताओं, आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को अच्छा नहीं लगा। सूत्रों के मुताबिक, सीएम फडणवीस शीना मामले को लेकर भी मारिया से नाराज हैं। फडणवीस ने कथित तौर पर कहा था कि पुलिस जितना ध्यान शीना मर्डर केस में लगा रही है, उसे उतना ही ध्यान दूसरे मामलों में देना चाहिए।
सूत्रों का कहना है कि इन्वेस्टिगेशन स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी के बेनामी लेन-देन और उनके चैनल में काले धन के निवेश का राज खुलने तक पहुंची। तो दिल्ली तक के नेताओं में खलबली मच गई। पुलिस महकमे में चर्चा है कि इंद्राणी और पीटर के आईएनएक्स चैनल में देश के एक बड़े बिजनेसमैन ने 300 करोड़ रुपए लगाए थे। वह भी मनी लॉन्डरिंग से। जब मारिया ने राज कुरेदना शुरू किया तो एक बड़े बिजनेसमैन तक इन्वेस्टिगेशन पहुंच गई।
कौन हैं राकेश मारिया
1981 बैच के आईपीएस अफसर राकेश मारिया ने डीसीपी ट्रैफिक रहते हुए 1993 के मुंबई धमाकों का केस सुलझाया था। बाद में उन्हें डीसीपी क्राइम और फिर ज्वाइंट सीपी क्राइम बनाया गया।
मारिया ने 2003 में गेटवे ऑफ इंडिया और झवेरी बाजार में हुए धमाकों का केस भी सुलझाया।
26/11 के मुंबई हमले की जांच की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। आतंकी अजमल कसाब से अहम जानकारियां उन्होंने ही उगलवाई थीं।
मीडिया को दिए इंटरव्यू में राकेश मारिया ने कहा था कि मुंबई कमिश्नर का कार्यकाल पूरा करने से पहले इस केस को क्रैक कर लेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वे शीना को आरुषि नहीं बनने देंगे।

