इंदौर। व्हीसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय ने उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज द्वारा स्टेट कोटे की सीटें बेचने की शिकायत सीबीआई से की है। शिकायत में आरोप लगाया है कि कॉलेज ने 2012 में स्टेट कोटे से भरी जाने वाली 25 सीटें मोटी रकम लेकर बेची हैं।
स्टेट कोटे की एमबीबीएस की 63 सीटों पर प्रावीण्य सूची से काउंसलिंग के जरिए एडमिशन दिया गया, लेकिन 25 परीक्षार्थियों से अंतिम तारीख पर एडमिशन विड्रा करवा लिया गया। बाद में कॉलेज ने इन सीटों पर फर्जी तरीके से एडमिशन दिए।
डॉ.राय ने कहा कि कॉलेज ने 2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मैनेजमेंट कोटे के लिए आरक्षित 64 सीटों के विरुद्ध 106 एडमिशन किए। एनआरआई कोटे के लिए आरक्षित 23 सीटों के विरुद्ध सिर्फ 6 सीटों पर एडमिशन दिया गया। शेष 17 सीटें मैनेजमेंट कोटे से भरी गईं।
राज्य कोटे की 63 सीटों के विरुद्ध एडमिशन तो 63 सीटों पर किए गए, लेकिन 30 सितंबर को 25 छात्रों से एडमिशन विड्रा करवा लिया गया। 30 सितंबर को खाली सीटों की जानकारी कॉलेज को चिकित्सा शिक्षा विभाग को देना थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कॉलेज ने सांठगांठ कर इन सीटों पर अपात्र छात्रों से डोनेशन के रूप में मोटी रकम लेकर उन्हें एडमिशन दिया।
एडमिशन विड्रा करना था तो लिया क्यों
डॉ.राय ने सवाल उठाया है कि छात्रों को एडमिशन विड्रा ही करना था तो उन्होंने एडमिशन क्यों लिया, जबकि एडमिशन विड्रा करते ही कॉलेज छात्र की 10 फीसद फीस जब्त कर लेता है। जिन छात्रों को इन सीटों पर एडमिशन दिया गया, उन्होंने सिर्फ पीएमटी दी थी, वे मेरिट लिस्ट में नहीं थे, इसके बावजूद एडमिशन दिया गया।
इन छात्रों पर फर्जी एडमिशन का आरोप
आदिल खान, अनुरागसिंह परिहार, अनुश्री शुक्ला, अरुण शुक्ला, चंद्रेशकुमार जैन, जयेश चौधरी, महेश जारवाल, मनीष बैरागी, मोर्निन जॉय दाया, मुकेश मालवीय, नेहा त्रिवेदी, नेहा सिंह, निधि बंसल, राधिका दुबे, राहुल गौर, रवि सोनी, रीतू टडवाल, रुद्राक्ष गौतम, सैयद जिशान अली, शैलेंद्र सुनहरी, सोनाली, वेदांत मोदी, विनयमोहन तिवारी, विशाल बंसल और येशाली ठाकुर।

