जबलपुर। शहर के नामी डॉक्टर एमएस जौहरी व उसकी बेटी को व्यापमं फर्जीवाड़ा मामले में एसटीएफ की टीम ग्वालियर ले गई है। इस कार्रवाई से शहर के डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार डॉ. जौहरी पर बेटी का एमबीबीएस में फर्जी तरीके से एडमिशन कराने का आरोप है। उनकी बेटी नाम रिचा है। वह वर्तमान में जौहरी के निजी नर्सिंग होम में काम कर रही थी। जबलपुर से ही उसने एमबीबीएस किया है एवं इंदौर से एमएस किया है।
एसआईटी ने बुधवार को व्यापमं के पूर्व निदेशक योगेश उप्रेती को भी गिरफ्तार कर लिया है। उपरेती पर कई छात्रों को व्यापमं के भीतर आन्सर शीट पर काले गोले कराकर पास कराने का आरोप है।
दरअसल, चीफ सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिन्द्रा और जगदीश सगर के गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उपरेती का नाम सामने आया था। उपरेती ने 2010 में प्रीपीजी छात्रा रिचा जौहरी को पास कराने के लिए 25 लाख रुपये हासिल किये थे।
उपरेती पूर्व में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के डीन भी रह चुके हैं। वर्तमान में डीमैट में ट्रेजरर के पद पर पदस्थ है। एसआईटी उपरेती से पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि उनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो सकते है।
उल्लेखनीय है कि व्यापमं के प्रींसिपल सिस्टम एनालिसिस्ट नितिन महिन्द्रा ने 2009 में रोहित जैन को गोले काले कर टॉप रैंक दिलाने के साथ-साथ 2010 में भोपाल की एक छात्रा को भी प्री पीजी में रैंक दिलाने की बात कबूली थी । पर छात्रा का नाम को लेकर वह कन्फ्यूज था ।
व्यापमं के जरिए सीधे गोले काले कर पास कराने वाले रैकेट का मुखिया है। पीएमटी रैकेट के सरगना डॉ. जगदीश सागर के इशारे पर ओएमआर शीट में खाली छोड़े गए गोलों को काला भरकर धोखाधड़ी कर छात्र-छात्राओं को टॉप रैंक दिलाने वाले नितिन महिन्द्रा को भोपाल से एसआईटी लेकर आई है। नितिन व्यापम में प्रींसिपल सिस्टम एनालिसिस्ट के पद पर रहते हुए रैकेट के लिए काम करता था। प्रभारी एसपी व एसआईटी प्रभारी वीरेन्द्र जैन ने बताया कि पूछताछ में नितिन ने 2009 में रोहित जैन को गोले काले कर टॉप रैंक दिलाने की बात कबूल की है।
यह काम उसने डॉ. जगदीश सागर के कहने पर किया था। बदले में उसे मोटी रकम मिली थी। इसके साथ ही उसने वर्ष 2010 में सागर के ही कहने पर एक छात्रा को प्री पीजी में अच्छी रैंक दिलवाई थी। छात्रा का नाम वह सही ढंग से नहीं बता पा रहा है। छात्रा भोपाल की थी। एसआईटी को दो छात्राआंे में कन्फ्यूजन है, इसलिए छात्रा का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। उससे पूछताछ जारी है। एसआईटी को आशंका है कि सिस्टम एनालिसिस्ट ने कई और छात्र-छात्राओं को फर्जीवाड़ा कर पास कराया है।
एसआईटी ने उत्तर प्रदेश के बांधा निवासी सॉल्वर रामानद यादव पुत्र नाथुराम यादव को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद 2013 बैच का झांसी मेडिकल कॉलेज का छात्र है। उसने पूछताछ में कबूल किया है कि दलाल अभिषेक संचान के कहने पर उसने वर्ष 2009 में मेरसिंह के बदले पीएमटी दी थी और उसे पास कराया था। तब सेन्टर दिल्ली भरा था। इस काम के लिए उसे दलाल संचान ने 50 हजार रुपए दिए थे। जबकि वर्ष 2010 में भी वह दिनेश सिंह की जगह पीएमटी में सॉल्वर बनकर बैठ चुका है।
