जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के सिविक सेंटर में स्थित समदड़िया मॉल के खिलाफ दायर जनहित याचिका की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश के साथ निपटारा कर दिया। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग/ जबलपुर विकास प्राधिकरण को 6 सप्ताह का समय दिया गया है।
मुख्य न्यायाधीश अजय माणिकराव खानविलकर व जस्टिस केके त्रिवेदी की युगलपीठ में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जनहित याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट सुशील कुमार मिश्रा का पक्ष अधिवक्ता एनएस रूपराह ने रखा।
उन्होंने दलील दी कि जबलपुर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक-18 में स्थित समदड़िया मॉल नियमविरुद्व तरीके से अस्तित्व में आया है। इसके ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जाने के बावजूद शिकायत को दरकिनार कर दिया गया। इसीलिए व्यापक जनहित में हाईकोर्ट आना पड़ा।

