भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ऐलान के बाद सुस्त हुए जिला प्रशासन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद कोलार के अतिक्रमण की नापतौल नहीं की है। कालियासोत नदी का सीमांकन शुरू हो गया है परंतु अतिक्रमण तक यह अभी नहीं पहुंचा है और ना ही 6 जुलाई तक सीमांकन पूर्ण हो जाने की संभावना है।
कलियासोत नदी के किनारे से 33 मीटर दायरे का करीब 35 किलोमीटर तक का सीमांकन हो चुका है। शुक्रवार को कोलार रहवासी क्षेत्र में भी सीमांकन शुरू हो गया है। दानिश क्षेत्र में करीब ड़ेढ किमी तक सीमांकन किया गया। प्रशासन का दवा है कि 1 जुलाई तक कोलार क्षेत्र में नदी के किनारे का अतिक्रमण भी चिन्हित कर लिया जाएगा।
इधर, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होना है, लेकिन सुनवाई की तारीख तक सीमांकन इस बार भी पूरा नहीं हो पाएगा, क्योंकि शेष 10 किमी के दायरे में ही अतिक्रमण है। ऐसे में एक बार फिर जिला प्रशासन सीमांकन के लिए एनजीटी से समय लेगा।
एनजीटी में पिछले सुनवाई 25 मई को हुई थी। उस समय एनजीटी ने 6 जुलाई से पहले सीमांकन पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसमें साफ तौर पर यह भी कहा था कि सीमांकन रहवासी क्षेत्र से किया जाए, जिससे लोगों की परेशानी भी दूर हो जाएगी। इधर, जिला प्रशासन रहवासी क्षेत्र का सीमांकन अब शुरू कर पाया।
मांगा जाएगा 15 दिन का समय
सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन सीमांकन के लिए अब छठवीं बार समय मांगने की तैयारी में है। अगली सुनवाई में 15 दिन का समय और मांगा जा सकता है। वजह यह है कि अब अतिक्रमण वाले क्षेत्र का सीमांकन होना है। इसमें 5 किमी का दायरा रायसेन जिले के रहवासी क्षेत्र में आ रहा है। 5 से 6 किमी का हिस्सा कोलार क्षेत्र में है, जिसमें अतिक्रमण है।
कलियासोत में अब तक सुनवाई
20 अगस्त 2014 को एनजीटी ने अंतिम आदेश देते हुए तीन महीने में सीमांकन और मुनारें लगाने के आदेश दिए।
24 नवंबर को प्रशासन ने तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत मांगी।
27 नवंबर को प्रमुख सचिव और नगर निगम आयुक्त को पेश होने को कहा गया।
8 दिसंबर को प्रशासन ने रिकार्ड उपलब्ध न होने का बहाना बताया।
12 जनवरी 2015 को तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत मांगी।
13 जनवरी को प्रशासन ने कहा 27 फरवरी तक मुनारे लगा लेंगे।
4 मार्च को प्रशासन ने अपने ही शपथ पत्र का खंडन किया, इस पर फटकार लगी।
27 मार्च को जवाब देने के लिए मुख्य सचिव को उपस्थित होकर जवाब देने के आदेश हुए।
30 मार्च को 6 सप्ताह की नए सिरे से सीमांकन करने की मोहलत मिल गई।
25 मई को सुनवाई हुई, इसमें फिर प्रशासन ने सीमांकन के लिए मांगा था समय।

