भोपाल पुलिस के खिलाफ 2 घंटे तक धरने पर बैठे रहे मंत्री

Updesh Awasthee
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान में उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता को बीते रोज अपनी ही पुलिस के खिलाफ धरना देना पड़ा। वो चुपचा 2 घंटे तक बैठे रहे। हालांकि उन्होंने एक भी शब्द नहीं कहा परंतु उनके मौन ने बवंडर खड़ा कर दिया।

यह है पूरा घटनाक्रम
दुर्गा नगर निवासी कुलदीप ठाकुर भाजयुमो के जिला संयोजक हैं। मंगलवार रात करीब 8 बजे वे अपने साथियों के साथ घर के सामने जन्मदिन का जश्न मना रहे थे। उन्होंने मंत्री गुप्ता के अलावा कई लोगों को बुलाया था। कुलदीप ने बताया कि जश्न के दौरान करीब सवा 8 बजे सनी शास्त्री अपने 10-15 साथियों के साथ बाइक पर पहुंचा। उसने कहा कि किसका जन्मदिन है। 'मेरे सामने आते ही उसने मुझसे पैर छूने को कहा।

पैर छूने के लिए झुकते ही उसने मुझ पर कट्टा तान दिया। उससे छूटकर मैं घर के अंदर भागा। इससे नाराज सनी के हवाई फायर करते ही उसके साथियों ने तलवार से हमला कर दिया।' इसमें उनके पड़ोस में रहने वाली क्षमा बाई, राहुल और छोटू घायल हो गए। इसके अलावा भी अन्य लोगों को चोटें आई हैं। आरोपी हमले के बाद फरार हो गए। इसके करीब 10 मिनट बाद मंत्री गुप्ता भी पहुंच गए।

घटना से नाराज मंत्री कुछ कहे बिना ही चुपचाप कुर्सी पर बैठ गए। सूचना मिलते ही एसपी साउथ अंशुमान सिंह, हबीबगंज सीएसपी जयंत सिंह राठौर व जोन-1 एएसपी दिलीप सिंह तोमर पहुंच गए। उन्होंने मंत्री से इस तरह बैठने का कारण पूछा, लेकिन वे एक शब्द नहीं बोले। मीडिया ने भी उनसे सवाल पूछने चाहे, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। उनके इस तरह मौन बैठने की सूचना लगते ही धीरे-धीरे उनके समर्थक वहां पहुंच गए। करीब दो घंटे तक बैठे रहने के बाद गुप्ता की मौजूदगी में कुलदीप ने केक काटा।

सिर्फ घायल महिला पहुंची जेपी
कुलदीप के मुताबिक घटना में कॉलोनी के आधा दर्जन लोगों को चोटें आईं, लेकिन इलाज के लिए जेपी अस्पताल सिर्फ क्षमा बाई ही पहुंची। उन्होंने बताया कि 3 हवाई फायर हुए थे। अज्ञात बाइक सवार लोगों ने तलवार से उन पर हमला किया था।

पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
सीएसपी जयंत राठौर के मुताबिक सनी शास्त्री हबीबगंज का निगरानी बदमाश है। उस पर एक दर्जन से अधिक अपराध दर्ज हैं। वे हाल में आर्म्स एक्ट में जमानत पर छूटकर आया है। सनी और कुलदीप के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा है। हमले के पीछे यह मुख्य कारण हो सकता है।

इसलिए बैठे धरने पर
पार्टी कार्यकर्ताओं ने दबी जुबान में कहा कि मंत्री जी हमले के विरोध में चुपचाप बैठ गए। वे पुलिस की कार्रवाई और इस तरह हमले से नाराज थे। हालांकि कार्यकर्ताओं के उलट गुप्ता ने इस बारे में कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी।

जानलेवा हमले का प्रयास का मामला तो बनता है, लेकिन आरोपियों की संख्या निश्चित होने के बाद ही बलवा और अन्य धाराएं लगाई जा सकती हैं। कुलदीप और घायलों के बयान लेने के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा। मंत्रीजी की नाराजगी के बारे में हमें नहीं पता।
अंशुमान सिंह, एसपी, साउथ

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