गोली मारने से पहले हमलावरों ने रोककर बात की थी सब इंजीनियर प्रियंका से

shailendra gupta
भोपाल। सिविल इंजीनियर प्रियंका बघेल को पहले राह चलते रोका, बातचीत की, उसके बाद मुड़कर आरोपियों ने पीछे से गोली मार दी, प्रारंभिक विवेचना मे पुलिस को ऐसे चश्मदीद मिले हैं, जो इसकी पुष्टि कर रहे हैं।

हालांकि प्रीति रावत और पायल ठाकुर ने पुलिस पूछताछ में इस बात से किनारा कर लिया है। पुलिस ने 10 घंटे बाद एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बहुत करीब से गोली मारी है। पुलिस के अनुसार, शाहजहांनाबाद पुलिस लाइन निवासी 27 वर्षीय प्रियंका बघेल पिता आरबीएस बघेल मूलत: रीवा की रहने वाली हैं। वे यहां 2008 से अपने पिता के साथ रह रही हैं।

डेढ़ साल पहले ही मिली है नियुक्ति
भोपाल ट्रैफिक थाने के एएसआई आरबीएस बघेल के एक बेटा और दो बेटी हैं, बेटा निजी कंपनी में है। बड़ी बेटी आकांक्षा की शादी भोपाल में ही हुई है। वह पति के साथ अवधपुरी में रहती हैं। छोटी बेटी प्रियंका सम्राट अशोक टेक्निकल इंस्टीट्यूट विदिशा से 2009 में बीई की । उन्होंने डेढ़ वर्ष पूर्व ही जनपंद पंचायत सीहोर में संविद पर सिविल इंजीनियर की नौकरी ज्वाइन की। वे नौकरी के साथ आरजीपीवी में एमटैक फाइनल ईयर की छात्रा भी है। उनको जपं में तेजतर्रार कर्मचारियों में गिना जाता है। उनके परिजन शादी उसकी शादी की तैयारी में लगे है। उनकी बहन आकांक्षा ने बताया कि प्रियंका खुले विचार वालों स्पष्टवादी लड़की है।

13 पंचायत की सड़कों का है जिम्मा
प्रियंका की योग्यता को देखते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जपं सीहोर ने उनको मनरेगा से जुड़ी 13 पंचायत की सड़कों के देखरेख की जिम्मेदारी दे रखी है। ऐसा पता लगा कि एक पंचायत में 6 लाख का निर्माण हुआ है। जहां सड़क की गुणवक्ता पर उन्होंने सवाल उठाए थे । इसको ठेकेदार से तकरार भी हुई थी। उन्होंने बिल पास करने से मना कर दिया था।

पंचायत सचिव के खिलाफ खोला था मोर्चा
जपं सीहोर के पंचायत सचिप ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ प्रियंका ने मोर्चा खोल रखा था। उसकी शिकायत उन्होंने सीईओ अजय खरे से की थी। शिकायत में कहा था कि पंचायत की उपयंत्री पायल के मोबाइल पर मैसेज और फोटो भेजते हैं। इसको लेकर पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय जांच की गई थी। इसके बाद से ओमप्रकाश प्रियंका से रंजिश रखता था।

प्रीति, पायल भी जनपद पंचायत में ही तैनात
एसपी सीहोर का कहना है कि प्रियंका के साथ आने वाली ईदगाहहिल्स निवासी 25 वर्षीय कु.पायल ठाकुर जपं में ही उपयंत्री के रूप में पदस्थ है। शिवाजी नगर में रहने वाली 30 वर्षीय प्रीति रावत डाटा एंट्री आपरेटर हैं। इनके पति महर्षि स्कूल की बस चलाते हैं। यह दोनों और प्रियंका के साथ में भोपाल से पंचवैली एक्सप्रेस से सीहोर जाती थी।

गोली पीठ से लगी सीने से निकली
एलबीएस हॉस्पीटल के डॉ. रूपेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गोली पीठ से लगी और ब्रेस्ट के नीचे निकलकर आर-पार हो गई। इससे ज्यादा ब्लीडिंग होने से उनको बेहोशी बनी हुई। अभी उनको खतरे से बाहर तो नहीं कहा जा सकता है, उनका एक आपरेशन किया जाना है। उनके परिजनों को खून की व्यवस्था रखने के लिए कहा दिया है।

गोली का खोखा मिला
पुलिस को मौके से गोली का खोखा मिल गया है। पुलिस का कहना है कि गोली .22 के हथियार से मारी गई है। अगर गोली दूर से मारी होती तो बुलेट बाहर नहीं निकल पाती है। ऐसे में अंदाजा है कि गोली मारने के लिए कट्टे का उपयोग किया होगा।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!