शिवराज के सीहोर में 'गुड़िया' रेपकांड, बाजार बंद, आक्रोशित ग्रामीण, मांगा इस्तीफा

shailendra gupta
सीहोर। गुरुवार को छह वर्षीय गुडिय़ा के साथ निर्ममता पूर्वक रेप कर उसे बेहोशी हालत में छोड़ जाने के घटनाक्रम में शुक्रवार को मैना बंद रहा, ग्रामीणों ने रैली निकाल कर मैना चौकी का घेराव करते हुए नारेबाजी की।

वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीण ज्ञापन देकर वापस लौटे। पुलिस का पर्याप्त इंतजाम ग्राम मैना में किया गया है यहां पर जिला मुख्यालय से भी फोर्स भेजा गया है। पुलिस आरोपी की तलाश सरगर्मी के साथ कर रही है।

गुडिय़ा की हालात स्थिर, शिनाख्त परेड कराई
सीहोर। शुक्रवार को मैना की गुडिय़ा की हालात स्थिर बनी रही। सुल्तानिया अस्पताल भोपाल में इलाज करा रही गुडिय़ा के पास पुलिस दो संदेही आरोपियों को ले गई थी पर गुडिय़ा ने उनके लिए मना कर दिया। पुलिस का कहना है कि गुडिय़ा द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर तेजी के साथ प्रयास किए जा रहे है। घटनाक्रम पर कलेक्टर एसपी दोनों निगाहें जमी है।

आष्टा में भाजपा कांग्रेस आमने सामने
सीहोर। गुरुवार को छह वर्षीय बालिका के साथ हुई घटना का विरोध शुक्रवार को ग्राम मैना के साथ तहसील मुख्यालय आष्टा में भी हुआ। जहां कांग्रेस और भाजपा के नेताओं का रैली के कांग्रेसी करण किए जाने पर आमना सामना हो गया जिसे लोगों द्वारा शांत कराया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार शुक्रवार को मैना की गुडिय़ा के साथ हुई घटना के विरोध में रैली निकालने का ऐलान आष्टा में हुआ जिसमें कहा गया था कि सभी वर्ग के लोग कम्युनिटी हाल से एकत्र होकर तहसील कार्यालय पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे, इसी का प्रभाव था कि रैली में करीब पाँच सौ  से भी अधिक लोग शामिल हुए पर तहसील कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं को आमना सामना हो गया भाजपा नेताओं को कहना था कि सभी इस घटना की निंदा करते है पर रैली का कांग्रेसी करण ठीक नहीं है घटना का विरोध हर आम और खास कर रहा है इस घटना को राजनीति के आइने से देखना ठीक नहीं है।

सीहोर में सीएम से इस्तीफा मांगा
सीहोर। मुख्यमंत्री के गृह जिले में अपराध अपनी चरम सीमा पर है अपराधी अपराध करने से नहीं चूक रहें हैं, जिला कांगे्रस कमेटी के प्रवक्ता मृदुलराज तोमर ने कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री के गृह जिले में यह हालात है तो प्रदेश की क्या हालत होगी। कल की घटना को लेकर पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। इस कुकृत्य की निंदा करने वालों में कैलाश परमार, राकेश राय, स्वदेश राय, हरीश राठौर, राजाराम बड़े भाई, जलज छोकर, विनीत सिंगी, मीनल सिंगी, राजकुमार जायसवाल, राजीव गुजराती, फारुख  अंजुम,हफीज चौधरी, रिजवान पठान, अशफाक खान, मुनव्वर मामू, तमकीन बहादुर, राजेन्द्र वर्मा, सुदीप प्रजापति, पंकज गुप्ता आदि कांगे्रस जनों ने घटना कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री व गृह मंत्री से त्यागपत्र की मांग की है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!