भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री अब गेंहू और सोयाबीन जैसी पारंपरिक खेती को छोड़कर अनाज और फूलों की खेती कर रहे हैं। पेशे से किसान शिवराज सिंह ने आज यह खुलासा हार्टी एक्सपो-2013 के उद्घाटन अवसर पर किया। उन्होंने कहा कि अनाज और फूलों की खेती में ज्यादा फायदा है, इसलिए उन्होंने पारंपरिक खेती छोड़ दी।
इस अवसर पर शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि किसानों को अपनी फसल दुनिया भर में कहीं भी बेचने की आजादी मिलनी चाहिए और यदि किसान को फायदा पहुंचता है तो फसलों और सब्जियों के दाम भी बढ़ जाने चाहिए। देश में बढ़ रहे प्याज के दामों पर उन्होंने खुशी जताई।
भोपाल में भेल के दशहरा मैदान में इस एक्सपो की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि वे भी परंपरागत फसलों गेहूं, चना और सोयाबीन को छोड़कर अनार व फूलों की खेती कर रहे हैं जिसमें कई गुना मुनाफा है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे भी ऐसी फसलों को अपनाएं। इस मौके पर कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया भी मौजूद रही। कृषि मंत्री ने कहा कि उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए सात संभागों में उत्कृष्ट नर्सरी की स्थापना की जाएगी।