भोपाल, 30 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी की स्टेट लेवल मीटिंग में जबरदस्त हंगामा हो गया। स्वराज संकल्प के फाउंडर श्री अंश पुरोहित अपने साथियों के साथ मीटिंग में पहुंचे और उन्होंने मध्य प्रदेश में कॉकरोच जनता पार्टी के सरकारी स्कूलों से संबंधित अभियान के उद्देश्य पर सवाल उठाए। इस दौरान नारेबाजी हुई, यह दिल्ली नहीं, भोपाल है, कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद और तानाशाही नहीं चलेगी। थोड़ी देर बाद भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। यहां आरोप लगाया जा रहा है कि, कॉकरोच जनता पार्टी कुछ लोगों की पॉकेट में चली गई है और उनका उद्देश्य व्यवस्था को दुरुस्त करना नहीं बल्कि कुछ और है।
Uproar at CJP Meeting in Bhopal, Situation Turns Tense
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवाओं का एक समूह बैठक के दौरान अंदर पहुंचा। इनमें कुछ छात्र काली टी-शर्ट पहने हुए थे। उन्होंने CJP के प्रतिनिधियों से स्कूलों के ऑडिट को लेकर सवाल किए उनका कहना था कि वे यह जानना चाहते हैं कि भोपाल में स्कूल ऑडिट के नाम पर चलाए जा रहे अभियान का वास्तविक उद्देश्य क्या है। छात्रों का कहना था कि दिल्ली में जो कुछ हुआ, उसे भोपाल में दोहराया नहीं जाना चाहिए। छात्रों ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान उनके हाथ से माइक लेने की कोशिश की गई।
CJP की ओर से अभियान की कोऑर्डिनेटर माया विश्वकर्मा ने बताया कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों का नागरिक स्तर पर ऑडिट किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रदेश में बड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र हैं, जहां अधिकारी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाते। ऐसे में जनता के माध्यम से स्कूलों की जमीनी स्थिति का डेटा तैयार किया जाएगा। सर्वे में पानी, शौचालय, बिजली, कक्षाओं की स्थिति, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक, यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति और मिड-डे मील जैसी व्यवस्थाएं देखी जाएंगी। स्कूल भवन की सुरक्षा, फर्स्ट-एड, अग्निशामक यंत्र, दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाएं, पुस्तकालय और कंप्यूटर की उपलब्धता भी जांची जाएगी।
नरसिंहपुर से होगी आगे की शुरुआत
माया विश्वकर्मा के मुताबिक, अभियान 15 अगस्त को शुरू किया गया था। रविवार की बैठक के बाद नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा ब्लॉक में एक स्कूल का ऑडिट किया जाना है। इसके बाद भोपाल समेत अलग-अलग क्षेत्रों में भी सर्वे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से की जा रही है। आगे बच्चों की पाठ्यक्रम, शिक्षक और अन्य शैक्षणिक समस्याओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
CJP भी संगठन हो गया है?
भोपाल में कॉकरोच जनता पार्टी की मीटिंग, और जिस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही है। ऐसा लग रहा है जैसे कॉकरोच जनता पार्टी भी, आम आदमी पार्टी की सेकंड कॉपी है। यहां कुछ लोग खुद को कॉकरोच जनता पार्टी का पदाधिकारी बता रहे हैं। माया विश्वकर्मा ने खुद को अभियान का कोऑर्डिनेटर बताया, जबकि कोऑर्डिनेटर तो तब होता है जब संगठन के अंदर प्रशासनिक नेटवर्क हो। जिस पार्टी की कोई कार्यकारिणी ही नहीं है, उसमें अभियान का कोऑर्डिनेटर कैसे हो सकता है। कुल मिलाकर दिल्ली में जनता का आंदोलन, भोपाल में कुछ लोगों की पॉकेट में चला गया। बिल्कुल वैसे ही जैसे आम आदमी पार्टी चली गई थी।

