सड़क पर हिचकोले, बीस रास्ते में हो गया प्रसव, मरते मरते बचे माता व शिशु

shailendra gupta


भोपाल। मध्यप्रदेश की खराब सड़कों ने एक बार फिर माता और नवजात शिशु की जान खतरे में डाल दी। एम्बूलेंस में अस्पताल आ रही एक प्रसूता का प्रसव सड़क पर गड्डों के कारण बीच रास्ते में ही हो गया। 

शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की खस्ताहाल  सड़कों के कारण मानव शरीर में होने वाली  गंभीर बीमारियां तो कोई नई बात नहीं है,  लेकिन इन्हीं जर्जर सड़कों के गड्ढों से सिहोरा  निवासी एक गर्भवती की चलती एम्बुलेंस में ही डिलेवरी हो गई। 

इस घटना में जहां उसने एक बालिका को जन्म दिया, वहीं हालत गंभीर होने पर उसे राइट टाउन स्थित निजी अस्पताल में  दाखिल कराया गया है। इस संबंध में सिहोरा  खितौला के वार्ड नंबर 12 में रहने वाले मनीष पटेल ने बताया कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी मंजू पटेल को गुरुवार की दोपहर प्रसव पीड़ा हुई, जिस पर उसे सिहोरा जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने परीक्षणोपरांत मंजू को एल्गिन अस्पताल रिफर कर दिया। 

जिला अस्पताल के चिकित्सकों का कहना था कि मंजू की हालत ठीक नहीं है और  इसीलिए उसे एल्गिन अस्पताल  ले जाना पड़ेगा। इसके लिए उन्होंने पीडिता को जबलपुर जाने की सलाह दी और परिजनों द्वारा जननी एक्सप्रेस (102) को कॉल किया गया। एम्बुलेंस पहुंचने पर मंजू को लेकर उसके परिजन रवाना हो गये, लेकिन पनागर-देवरी तक पहुंचते ही सड़कों के हिचकोलों ने महिला की पीड़ा और बढ़ा दी।

परिजनों के अनुसार देवरी-पनागर की सड़कों पर मौजूद  गड्ढों के कारण एम्बुलेंस बुरी तरह उचकने लगी और इसी  बीच मंजू की डिलेवरी हो गई। ऐसा होते ही परिजनों के कुछ रिश्तेदार भी यहां पहुंच गये, जिन्होंने मंजू को तत्काल राइट  टाउन स्थित समाधान अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। बाद में मंजू एवं उसकी बच्ची दोनों को यहां लाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार शुरू किया गया।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!